जिले में 995 मिनी सचिवालयों में शुरू हुआ कामकाज
बिजनौर। जिले के ढाई हजार गांवों को स्मार्ट बनाने की कवायद धरातल पर उतरने लगी है। जी हां, जनपद में करीब 995 पंचायतों के मिनी सचिवालयों में कामकाज चालू हो गया है। इनमें कॉमन सर्विस सेंटर खोला गया है। इन सचिवालयों के 50 मीटर के दायरे में वाईफाई की सुविधा भी गांव वालों को मुफ्त में दी जा रही है। हालांकि अभी 65 सचिवालयों में कंप्यूटर और इंटरनेट की व्यवस्था हो रही है।
जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं, इन पंचायतों के दायरे में करीब ढाई हजार गांव आते हैं। पिछले महीने तक 1025 सचिवालयों का निर्माण पूरा कर लिया गया था। जिनमें कुछ पंचायत घरों का कायाकल्प करते हुए सुंदरीकरण किया गया है। जिन पंचायतों में पुराने पंचायत घर नहीं थे, उनमें नए निर्माण किए गए हैं। बता दें कि सरकार की मंशा है कि गांव वालों को उनके गांव में ही तमाम सुविधाएं मिल सकें। इसी के चलते मिनी सचिवालय की व्यवस्था को धरातल पर उतारा जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो करीब 995 सचिवालयों में कंप्यूटर से लेकर इंटरनेट कनेक्शन और बिजली कनेक्शन चालू हो चुका है। वहीं, कामकाज भी शुरू हो गया है। 65 सचिवालय इस माह के अंत तक चालू हो जाएंगे।
जिला स्तरीय अधिकारी करेंगे निरीक्षण
मिनी सचिवालय के कामकाज को परखने के लिए हर महीने एक जिला स्तरीय अधिकारी निरीक्षण करेगा। जिससे यह पता लगाए जा सके कि क्या वाकई में सचिवालय ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं। मिनी सचिवालय में सिर्फ पंचायत सचिव या पंचायत सहायक ही नहीं रहेंगे। बल्कि गांव से संबंधित सभी विभागों के कर्मचारियों को रोस्टर के अनुसार सप्ताह में एक दिन ड्यूटी करनी होगी। जैसे लेखपाल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बाल विकास समेत दर्जनभर विभागों के कर्मचारी सचिवालय में रोस्टर के अनुसार अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
गांव में ही बनेंगे प्रमाण पत्र
मिनी सचिवालयों में कॉमन सर्विस सेंटर चालू हुआ है। जिसके माध्यम से ग्रामीण खसरा खतौनी, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र के लिए सचिवालय में पहुंचकर आवेदन कर सकेंगे। वहीं से प्रमाण पत्र निर्गत होगा। इसके अलावा बिलों की अदायगी की सुविधा भी सचिवालय में मिलेगी।
करीब एक हजार मिनी सचिवालयों में कामकाज होने लगा है। 65 सचिवालयों में काम चल रहा है, जिनमें कंप्यूटर आदि की व्यवस्था की जा रही है। जल्द इन्हें भी चालू कर दिया जाएगा। महीने में एक बार जिला स्तरीय अधिकारी निरीक्षण कर कामकाज की समीक्षा करेंगे - सतीश कुमार, डीपीआरओ