महिलाओं की बढ़ाई जाएगी भागीदारी
बिजनौर। महिला प्रधानों ने पंचायतों की कार्यशैली बदलने का बीड़ा उठाया है। पंचायतों में बड़ी संख्या में पढ़ी लिखी महिला प्रधान हैं। इस काम में हल्दौर ब्लॉक की धनौरी पंचायत की प्रधान अलका आगे आईं हैं। पंचायत में हर माह केवल महिलाओं की बैठक होगी। महिलाओं को पंचायत के काम में अधिक भागीदार बनाया जाएगा। प्रधान ने ग्रामीणों को टीका लगवाने को प्रेरित करने के लिए अपने पति का सबसे पहले टीकाकरण कराया है। इस बार पंचायतों में पढ़ी लिखी महिला बड़ी संख्या में प्रधान बनी हैं। आठवीं से लेकर एमए तक पढ़ी है। महिला प्रधान ने अलग तरीके से सोचना शुरू कर दिया है। महिला प्रधान पीढ़ियों से चली आ रही पंचायत के कामकाज की शैली बदलना चाहती है। हल्दौर ब्लॉक की पंचायत धनौरी की प्रधान अलका रानी इस काम में आगे आईं हैं। अलका बीए हैं। अनारक्षित सीट पर चुनाव लड़कर प्रधान बनी हैं।
जानेंगी महिलाओं की समस्याएं
अलका ने बताया कि पंचायत की महिलाओं की वह हर माह बैठक करेगी। इस बैठक में केवल महिलाएं ही होंगी। वह बताती हैं कि ग्रामीण माहौल में महिला पुरुषों की संयुक्त बैठक में अपनी बात कह नहीं पाती हैं। महिलाओं की समस्या जानेंगी। साथ ही महिला कल्याण के लिए शुरू योजना की जानकारी देंगी। महिलाओं के लिए शिक्षा व स्वास्थ्य केंद्र बिंदु होंगे। बालिकाओं को शत प्रतिशत स्कूल भेजने का प्रयास होगा। पढ़ लिख जाने पर सोच बदलती है।
कोरोना टीकाकरण के लिए जागरूक करने पर जोर
अलका ने बताया कि इस समय सबसे बड़ा काम कोरोना से बचाव के लिए शत प्रतिशत टीकाकरण कराना है। गांव में टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है। अलका ने सबसे पहले अपने पति चौधरी रविकुमार को सार्वजनिक रूप से टीका लगवाया है। इससे टीके को लेकर फैल रहा भ्रम दूर होगा। महिलाओं को घर से बुलाया जा रहा है। माइक से भी प्रचार कराया है।