गांव गोहावर से नोसोनगर के रास्ते मिला अज्ञात महिला का शव जांच करती पुलिस
नूरपुर। करीब 25 वर्षीया महिला की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव मुरादाबाद हाईवे से रामगंगा पोषक नहर होते हुए गांव नोसोनगर जाने वाले मार्ग के किनारे गन्ने के खेत में फेंक दिया गया। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने शव देखा। पास में ही डेढ़ साल की बच्ची बैठी रो रही थी। महिला के गले में दुपट्टा लिपटा मिला है तथा उसके कपड़े जले हुए थे। शव की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया जबकि बच्ची का सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
बुधवार सुबह खेतों पर जा रहे गांव गोहावर जैत के ग्रामीणों ने ध्यानपाल सिंह के गन्ने के खेत में महिला का शव पड़ा देखा। शव के पास ही एक छोटी बच्ची बैठी थी। यह मंजर देखकर ग्रामीण सहम गए। गांव आलमपुर एडवा के जितेंद्र उर्फ बुल्ले ने बताया कि सुबह के समय कुछ लोग वहां घमने गए थे, जिन्होंने बच्ची के रोने की आवाज सुनी थी। इसके बाद ग्रामीणों को भी पता लगा तो मौके पर भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने और अन्य साक्ष्य जुटाए। महिला के गले में दुपट्टा लिपटा मिला है। वहीं, शव पर जलाने के निशान भी पाए गए हैं। प्रथमदृष्टया पुलिस महिला की गला घोंटकर हत्या करने और पहचान छिपाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की आशंका जता रही है। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। फिलहाल शव की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थानों से संपर्क कर महिला की पहचान कराने के प्रयास कर रही है। साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य संभावित साक्ष्यों की मदद से कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सीओ चांदपुर देश दीपक सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने बताया कि महिला की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
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मौके पर पहुंची महिलाओं ने बच्ची को संभाला
बुधवार सुबह महिला के शव के पास मिली बच्ची बुरी तरह सहमी हुई थी। उसके हाथ और घुटनों पर नीले निशान थे, जैसे उसके हाल में चोट लगी हो। पड़ोस के गांव की महिलाओं ने बच्ची को संभाला। बच्ची बुरी तरह सहमी हुई थी। वह केवल आंख खोलकर देख रही थी और कुछ बोल नहीं पा रही थी। बाद में बच्ची को पुलिस ने सीएचसी भेजा। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को मेडिकल कॉलेज बिजनौर रेफर कर दिया, जहां चिकित्सक उसका उपचार कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में भी वह डरी-सहमी बेेड पर लेटी हुई है और बार बार कांप रही है। चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची सदमे में लग रही है।
गांव गोहावर से नोसोनगर के रास्ते मिला अज्ञात महिला का शव जांच करती पुलिस