अफजलगढ़/कालागढ़। बुुखार से बढ़ती मौतों का सिलसिला थमता दिखाई नहीं दे रहा है। क्षेत्र के एक गांव में बुखार से पीड़ित एक महिला की मौत हो गई।
गांव झाड़पुरा निवासी उर्मिला पत्नी ओमपाल को दो सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिजनों ने महिला का सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। परिजनों ने बृहस्पतिवार को गंभीर हालत में उसे जसपुर (उत्तराखंड) के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां पर उसने दम तोड़ दिया। वहीं, गांव में बुखार मरीजों में दहशत का पर्याय बना है। गांव कासमपुरगढ़ी, मानियावाला, नावका में फुरकान, शकील, मजीद, इरफान आदि दर्जनों मरीज बुखार से ग्रसित हैं। पीएचसी कासमपुरगढ़ी और सीएचसी अफजलगढ़ में भी मरीजों के उपचार के लिए उचित व्यवस्था नहीं हैं।
उधर, कालागढ़ में पंकज शर्मा, गुड्डू सिंह आदि का कहना है कि सरकारी रूप से यहां मौजूद रामगंगा बांध चिकित्सालय में चिकित्सक के न होने से मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। मरीज काशीपुर, धामपुर, बिजनौर, मेरठ आदि जाकर उपचार करा रहे है।
उधर, मिनिस्टीरियल ऐसोसिएशन इर्रिगेशन डिपार्टमेंट की स्थानीय शाखा के सचिव सुरेश सिंह ने रामगंगा बांध परियोजना के एसई को पत्र लिखकर विभागीय कालोनियों में कीटनाशकों के छिड़काव की मांग की है।
3200 लोगों ने खुराक पी
धामपुर। सर्व ब्राह्मण महासभा की ओर से बड़ा पंचायती शिव मंदिर में शिविर का आयोजन कर 3200 लोगों को डेंगू और मलेरिया निरोधक खुराक पिलाई गई है।
शिविर में डॉ. जितेंद्र कुमार कौशिक, रामकुमार शर्मा, आरएस भारद्वाज रहे। शिविर में महासभा के प्रदेशाध्यक्ष अनिल शर्मा, अनिल शर्मा, पुष्पेंद्र कौशिक, हरिओम शर्मा, संदीप शर्मा, रजकमल शर्मा, ब्रजमोहन शर्मा रहे। शिविर शाम के चार बजे संपन्न हुआ।