बिजनौर। जनपद में ऑक्सीजन को लेकर हायतौबा मची है। ऑक्सीजन के लिए आपातकाल जैसे हालात हो गए हैं। वर्तमान में जिला अस्पताल की ऑक्सीजन भी अब समाप्ति की ओर है। इसे लेकर जिला अस्पताल प्रशासन के हाथ-पैर फूलने लगे हैं।
जनपद के निजी अस्पताल पहले से ही ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं। अब जिला अस्पताल में भी संकट उत्पन्न हो गया है। वहां पर भर्ती मरीजों के परिजनों का आरोप है कि उन्हें ऑक्सीजन नहीं दी जा रही है, जबकि जिला अस्पताल प्रशासन का दावा है कि सभी मरीजों की जान बचाना उसकी जिम्मेदारी है। व्यवस्थित तरीके से सभी मरीजों को जरूरत अनुसार ऑक्सीजन की पूर्ति की जा रही है। ऑक्सीजन की कमी जरूर हुई थी। उसे मंगवाने के लिए गाड़ियां भेज दी गई हैं।
देशभर के साथ बिजनौर में भी ऑक्सीजन की किल्लत शुरू हो गई है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से उन्हें ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे मरीज दम तोड़ रहे हैं।
वर्तमान में जिला अस्पताल में 106 बेड हैं। वहीं, जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन में बने कोविड एल-2 विंग में 100 बेड हैं। इनमें दो आईसीयू वार्ड हैं और दस पर वेंटिलेटर लगे हैं। इसके अतिरिक्त 90 जनरल वार्ड हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला अस्पताल कुल 115 ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। इनमें 25 बड़े और 90 छोटे सिलिंडर हैं। अब हालात ये हो गए हैं जिले भर के सरकारी और निजी अस्पतालों का सारा लोड जिला अस्पताल पर पड़ने लगा है। इसलिए वहां पर भी ऑक्सीजन की आपातकाल जैसी स्थिति हो गई है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ज्ञानचंद ने बताया कि मरीजों को बचाने के लिए वे और उनके यहां पर कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सक पूरी निष्ठा से लगे हैं। इस आपातकालीन स्थिति से उबरने के लिए सभी को धैर्य रखना होगा। ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए गाड़ियां भेज दी गई हैं।