जलीलपुर। जलीलपुर क्षेत्र में बरसात के मौसम में करीब दो दर्जन गांव के सैकड़ों किसानों की करीब 25 हजार बीघा खेती की जमीन में बाढ़ आने पर गंगा का पानी घुस जाता है। बाढ़ के समय करीब दस गांव की आबादी का जनजीवन प्रभावित रहता है।
बाढ़ के समय गांव सलेमपुर खादर, मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर, जलालपुर खादर, नारनौर, जमालुदीनपुर, दत्तियाना, मुजफ्फरपुर खादर, सियाली, सुजातपुर खादर, कुमरिया, बाकीपुर आदि आबादी प्रभावित होती है। पानी आते ही गांव रायपुर खादर व मीरापुर सीकरी के हालात टापू जैसे हो जाते हैं। बाढ़ प्रभावित सभी गांवों के रास्तों पर पानी चलने के कारण आवागमन बंद हो जाता है। पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट गंगा का पानी बहने से स्टेट हाईवे बहसूमा ठाकुरद्वारा हस्तिनापुर और नारनौर के बीच आवागमन बंद हो जाता है।
बाढ़ आने पर गांव फैजीपुर खादर, ढोलनपुर, सलेमपुर खादर, मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर, जलालपुर खादर, नारनौर, धींवरपुरा, अजदेव, पाड़ला, महमंदपुर, खानपुर खादर, कमालपुर, मीरापुर खादर, बसंतपुर, ठेट, हुसैनपुर खासा, बाकीपुर, कुम्हरिया, सियाली, मुजफ्फरपुर खादर, दत्तियाना जमालुदीनपुर, नारनौर आदि के सैकड़ों किसानों की करीब 25 हजार बीघा जमीन में पानी घुस जाता है।
2020 से पहले हर साल बाढ़ नहीं आती थी। पानी आने पर जल्दी उतर जाता था। 2021 में गंगा पर पुल और पुल के दोनों तरफ सड़क बनकर तैयार होने के बाद हर साल बाढ़ आ रही है।
बिना तटबंध बने नही मिलेगी राहत : गंगा की जलधारा पर बारीक नजर रखने वाले गांव मीरापुर सीकरी स्वर्ण सिहं लाडी, पूर्व प्रधान सर्वजीत सिंह, शमशेर सिंह चीमा, गांव रायपुर खादर के शिक्षित युवा कुलदीप कुमार, पूर्व प्रधान करतार सिंह, गांव दत्तियाना के बजुर्ग किसान उमेश त्यागी आदि का कहना है कि गंगा किनारे तटबंध निर्माण होने के बाद ही खादर के गांव वासियों को राहत मिलेगी।,