संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूं तो रिटायर्ड नेवी से साइबर ठगी में पुलिस ने छह आरोपियों को पकड़ लिया था मगर दुबई और हांगकांग में बैठे इनके सरगना तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। वहीं विदेशी खातों में पहुंची रकम को वापस लाना भी चुनौती से कम नहीं है। हालांकि पुलिस इस मामले में अभी तक कार्रवाई करने के प्रयास में लगी है।
कोतवाली देहात थाने के गांव लालपुर निवासी सेवानिवृत्त नेवी अधिकारी ने एक मई को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि ठगों ने एक व्हाट्सएप पर ग्रुप से जोड़ने के बाद आरोपियों ने मोटा मुनाफा कमान का लालच दिया। आरोपियों ने दो करोड़ आठ लाख रुपये की ठगी कर ली थी।
इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जोकि दिल्ली के होटलों में बैठकर आनलाइन ठगी करते थे। रकम को विदेश के खातों में स्थानांतरित कर देते थे। आरोपियों के तीन साथियों चार्ल्स, शमीम व एरीज हांगकांग और दुबई में बैठकर नेटवर्क चलाने की बात सामने आई थी। खैर, पुलिस ने देश में बैठे इनके गुर्गों पर शिकंजा कस दिया था मगर विदेश में बैठे आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। इस केस के अलावा भी साइबर ठगी के अन्य कई मामलों में विदेश से तार जुड़ते रहे हैं। विदेशी खातों से रकम वापस लेना भी मुश्किल रहता है।