बढ़ापुर। सोमवार रात आरक्षित जंगल से निकालकर खेतों में पहुंचे जंगली हाथियों के झुंड ने खेतों में जमकर उत्पात मचाया। मौजा सेजरामपुर में एक किसान की करीब चार बीघा गन्ने की फसल खाकर नष्ट कर दी।
कस्बे के मोहल्ला नौमी निवासी ललित कुमार की बढ़ापुर-रामजीवाला मार्ग से सटे मोजा सेजरामपुर में कृषि भूमि है। सोमवार रात किसी समय जंगली हाथियों का झुंड आरक्षित वन क्षेत्र से निकलकर खेतों में आ गया। हाथियों ने ललित के खेत में खड़ी गन्ने की फसल को बर्बाद कर दिया। सुबह खेत पर पहुंचे किसान को फसल बर्बाद होने का पता लगा। किसान ने बढ़ापुर रेंज कार्यालय पर इसकी सूचना दी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। किसान ललित कुमार का कहना है कि जंगली हाथियों ने उसकी करीब चार बीघा गन्ना फसल को नष्ट किया है।
इस क्षेत्र के अन्य किसान उदय सिंह, पप्पू, बबलू, शेर सिंह, प्रदीप व मुकेश कुमार का कहना है कि उनके खेत आरक्षित वन क्षेत्र की सीमा से सटे हैं। रात्रि में आरक्षित वन क्षेत्रों से निकले जंगली हाथी उनकी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। हाथी गन्ना फसल को चाव से खाते हैं। हालांकि अभी गन्ने में मिठास नहीं है, लेकिन वे फसल को खाने से अधिक रौंदकर नुकसान पहुंचाते हैं। अधिकांश किसान परिवारों ने अपनी कृषि भूमि पर ही डेरे बना रखें हैं। इसके बावजूद फसलों से हाथियों को खदेड़ नहीं पाते। किसान ललित ने वन विभाग से नष्ट फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
सरकारी गाड़ी खराब, बाइक से होती है गश्त
बढ़ापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी सचिन शर्मा ने बताया कि बढ़ापुर रेंज का सरकारी वाहन खराब होने से वनकर्मियों को रात्रि गश्त करने व मिली सूचना पर पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं। गश्ती दल बाइकों से गश्त पर जाता है। वनकर्मियों को रात्रि गश्त में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।