संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। चौड़ीकरण की मंजूरी के बाद भी बिजनौर से रावली तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। अब हालात जलभराव के हो गए हैं। इनमें राहगीर फिसलकर गिरने को मजबूर हैं। दरअसल, वन विभाग की आपत्ति के चलते चौड़ीकरण का काम अटक गया था।
बिजनौर से रावली तक जाने वाली सड़क तीन मीटर चौड़ी है। मार्ग में गड्ढे भी बने हुए हैं। करीब एक साल पहले आठ किलोमीटर लंबी इस सड़क की चौड़ाई बढ़ाते हुए सात मीटर करने के लिए निर्माण चालू कर दिया गया था।
सड़क के दोनों ओर पत्थर डालने के लिए कुछ जगहों पर काम हुआ तो वन विभाग ने आपत्ति जता दी। क्योंकि बिजनौर से रावली तक जाने वाली सड़क हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण्य क्षेत्र में आती है। ऐसे में सड़क के चौड़ीकरण का काम रुकवा दिया गया था।
बात नहीं बनने पर लोक निर्माण विभाग की ओर से एनओसी लेने की प्रक्रिया को शुरू किया गया। लोक निर्माण विभाग की ओर से वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी की अनुमति हासिल कर ली गई। एनओसी मिलने के बाद काम चालू किया गया तो वन संरक्षण अधिनियम आड़े आ गया।
कुल मिलाकर बिजनौर से रावली तक सड़क के चौड़ीकरण में दिक्कत ही दिक्कत नजर आ रही है। उधर, सड़क का चौड़ीकरण नहीं होने और गड्ढों में पानी भरने से लोग बेहाल है। आलम ये है कि जगह जगह जलभराव के कारण बाइक सवार राहगीर फिसल कर गिर रहे हैं।