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जहां डायरिया से मरे तीन लोग, वहां पीने लायक नहीं पानी

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अफजलगढ़ के गांव टांडा हिदायतपुर चौहड़वाला में सैनेटाइज करते कर्मचारी। - फोटो : BIJNOR
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जहां डायरिया से मरे तीन लोग, वहां पीने लायक नहीं पानी
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अफजलगढ़। गांव टांडा, हिदायतपुर, चौहड़वाला में डायरिया से तीन लोगों की मौत होने के बाद जांच शुरू हुई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। यह बीमारी स्वाभाविक नहीं, बल्कि लापरवाही का नतीजा है। इन गांवों में बीमार लोगों के घर पहुंच रहे पेयजल की जांच हुई तो पानी में कीड़े मिले। कारण पता किया गया तो कहीं पानी में क्लोरीन मिलाने वाला डोजर प्लांट खराब है तो कहीं जगह-जगह पेयजल पाइपलाइन लीक हो रही है। टीम ने ओवरहेड टैंक, पाइपलाइन व मृतकों के घर की पेयजल आपूर्ति की जांच के दौरान पानी दूषित पाया। वहीं, एक मृतका के यहां पीने के पानी में कीड़े पाए गए। विशेषज्ञ ने जांच प्रभारी चिकित्साधिकारी कासमपुरगढ़ी को सौंपने की बात कही।
बुधवार को गांव टांडा हिदायतपुर चौहड़वाला में संक्रामक रोग विशेषज्ञों की एक जांच टीम पहुंची। टीम में संक्रामक रोग विशेषज्ञ सैय्यद अली शाकिर व डीबीएम रोबिन सिंह शामिल थे। उन्होंने ओवरहेड टैंक सहित पाइप लाइन व मृतकों के घर के पेयजल की जांच की। जांच के बाद विशेषज्ञों ने बताया कि पानी में क्लोरीन की मात्रा ही नहीं पाई गई। ओवरहेड टैंक की सफाई भी तीन माह पूर्व हुई थी। मौके पर मौजूद जो क्लोरीन का ड्रम था, उसमें भी क्लोरीन के साथ पानी की मात्रा पाई गई। जांच के दौरान मिला पानी पीने लायक ही नहीं था। टीम ने बताया कि मृतका जैबुनिशा के घर पहुंच रहे पीने के पानी में कीड़े मिले हैं। टीम ने जांच रिपोर्ट प्रभारी चिकित्साधिकारी कासमपुरगढ़ी सर्वेश निराला को सौंपे जाने की बात कही है। टीम ने ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी।
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चौहड़वाला में तीसरे दिन भी टीम ने बांटी दवाइयां
गांव में तीसरे दिन भी शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच कर दवाइयां वितरित की गईं। बुधवार को स्वास्थय विभाग की टीम ने गांव पहुंच कर करीब 150 लोगों का परीक्षण कर 100 लोगों को दवाइयां वितरित की थीं। डिप्टी सीएमओ आरपी विश्वकर्मा ने भी गांव पहुंच कर मृतक के परिजनों से मिलकर ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें सावधानी बरतने को कहा। इस संबंध में पीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी सर्वेश निराला ने बताया कि गांव में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। पर्याप्त मात्रा में दवाइयां व ओआरएस का घोल उपलब्ध है।
ग्रामीण बोले, कई जगह पाइपलाइन में लीकेज
बुधवार को ब्लॉक से पंचायत सचिव जेसीबी मशीन व सफाई कर्मियों सहित गांव पहुंचे और सफाई अभियान चलाया। बीडीओ ने भी मौके पर पहुंच कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। गांव में पेयजल के लिए पाइप की लीकेज भी ठीक कराना शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक से सप्लाई के लिए पड़ी पाइप लाइन कई जगहों पर लीक हो रही है। कई बार लीकेज ठीक कराने की मांग हुई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों की मौत होने के बाद विभागीय अफसरों की नींद टूटी है। बीडीओ रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि पाइपलाइन की लीकेज बंद व साफ सफाई पूरी तरह दुरुस्त कराई जा रही है।
जहर से कम नहीं दूषित पानी : फिजीशियन
बिजनौर जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन आरएस वर्मा ने बताया कि दूषित पानी पीने से डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। यदि पानी में कीड़े होने की समस्या है तो यह पेट में खतरनाक संक्रमण कर देता है। इससे डायरिया, फूट प्वाइजनिंग, मियादी बुखार, पीलिया हो सकता है और जान भी जा सकती है। पानी को उबालकर ठंडा कर लें, उसके बाद ही पीयें। शुद्ध पेयजल का इस्तेमाल करें।
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जान ले सकता दूषित पानी
संक्रामक रोग विशेषज्ञ अली शाकिर व प्रभारी चिकित्साधिकारी कासमपुरगढ़ी ने बताया कि दूषित पानी का प्रयोग करने से अनेकों प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। जैसे पेट संबंधी बीमारी, डायरिया, उल्टी दस्त, लीवर संबंधी बीमारी, खून की कमी, बुखार, हेपेटाइटिस आदि के साथ किडनी फेल भी हो सकती है। यह बीमारियां आगे बढ़कर भयानक रूप ले सकती हैं। जिससे व्यक्ति की मौत तक हो सकती है।

अफजलगढ़ के गांव टांडा हिदायतपुर चौहड़वाला में नालों की सफाई करते सफाईकर्मी।- फोटो : BIJNOR

अफजलगढ़ के गांव टांडा हिदायतपुर चौहड़वाला में पेयजल की जांच करते संक्रामक रोग विशेषज्ञ।- फोटो : BIJNOR

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