बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। उन केंद्रों पर एनेस्थेटिस्ट की नियुक्ति कर दी गई। स्याऊ सीएचसी और राजकीय महिला अस्पताल नजीबाबाद में ऑपरेशन नहीं होते हैं। यहां एनेस्थेटिस्ट की जरूरत नहीं है। खास बात यह है कि इन विशेषज्ञों का सीएमओ स्थानांतरण भी नहीं कर सकते हैं।
रिवर्स बिडिंग प्रक्रिया के माध्यम से एनएचएम, यूपी के तहत विभिन्न विशेषज्ञ पदों पर चिकित्सकों को नियुक्त किया गया है। प्रदेशभर में 355 विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं। इनमें से छह चिकित्सकों को बिजनौर जिले में अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती दी गई है। नियुक्त विशेषज्ञों में से चार चिकित्सकों ने अपने कार्यस्थल पर तैनाती ले ली है, जबकि जिन दो चिकित्सकों का वेतन कम था, उन्होंने अभी ज्वाइन नहीं किया। जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर एनेस्थेटिस्ट(बेहोशी का इंजेक्शन देने वाला विशेषज्ञ चिकित्सक) की जरूरत भी नहीं थी। उन केंद्रों पर भी एनेस्थेटिस्ट भेज दिए गए हैं। इसलिए, अब इन केंद्रों पर सर्जन की भी आवश्यकता है। शर्तों में साफ लिखा है कि इनका तबादला नहीं किया जा सकता, जिससे ये विशेषज्ञ वहीं रहेंगे, जहां इनकी नियुक्ति हुई है। ऐसे में एनेस्थेटिस्ट बिना जरूरत ही मानदेय लेंगे।
रिवर्स बिडिंग प्रक्रिया से आए तीन डॉक्टरों का सीएमओ से अधिक है वेतन
सीएमओ का वेतन साढ़े तीन लाख रुपये है, जबकि संविदा पर आए तीन डॉक्टरों का मानदेय सीएमओ से ज्यादा है। ट्रामा सेंटर धामपुर में ऑर्थोपैडिक सर्जन नईम अकबर को मुख्यालय में ही नियुक्त किया गया है। इनका प्रतिमाह का वेतन 294500 रुपये है। 100 बेड एमसीएच बिंग बिजनौर में एनेस्थेटिस्ट शुभम गर्ग नियुक्त किए गए हैं। इनका वेतन 474500 रुपये है। वहीं, राजकीय महिला अस्पताल नजीबाबाद में नियुक्त किए गए एनेस्थेटिस्ट संजय माहेश्वरी का वेतन 477000 रुपये है। इसके अलावा एनेस्थेटिस्ट नराला श्रीवाणी को स्याऊ सीएचसी पर तैनात किया गया। इनका वेतन 496500 रुपये निर्धारित है।
पांच लाख रुपये से नीचे लगानी थी वेतन की बोली
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ में रिवर्स बिडिंग प्रक्रिया के माध्यम से विशेषज्ञों की नियुक्ति हुई। इनमें नीलामी पांच लाख रुपये से शुरू हुई। जिन्होंने पांच लाख रुपये से कम से कम वेतन की बोली लगाई। उन्हें नियुक्त कर लिया गया।
नियुक्त विशेषज्ञों के लिए ये शर्तें
-सीएमओ विशेषज्ञों का मानदेय समय से भुगतान करेंगे
-ई एमडी/एमएस/डिप्लोमा/डीएनबी का उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल पंजीकरण, ज्वाइनिंग के समय/ज्वाइनिंग के तीन महीने बाद विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
-हस्ताक्षर संबंधी औपचारिकताएं सफलतापूर्वक पूरी होने पर संबंधित जिला स्वास्थ्य सोसायटी (डीएचएस) की ओर से सीएमओ द्वारा सेवा अनुबंध जारी किया जाएगा।
-किसी भी परिस्थिति में संबंधित जिला स्वास्थ्य सोसायटी द्वारा जिले की किसी अन्य सुविधा में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।
-चयनित अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण करने के लिए विस्तार देने के संबंध में निर्णय सीएमओ लेंगे।
वर्जन::
रिवर्स बिडिंग प्रक्रिया से नियुक्त छह विशेषज्ञ मुख्यालय से बिजनौर भेजे गए हैं। इनमें से चार विशेषज्ञों ने कार्यस्थल पर ज्वाइन कर लिया है। स्याऊ और राजकीय महिला अस्पताल नजीबाबाद में एनेस्थेटिस्ट नियुक्त किए गए हैं। यहां कोई सर्जन या स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है।
- डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर