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अभी दो सप्ताह बाद होगी गेहूं कटाई व थ्रेसिंग

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अभी दो सप्ताह बाद होगी गेहूं कटाई व थ्रेसिंग
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बिजनौर। शासन के निर्देश पर जनपद में गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र खुल गए है, लेकिन गेहूं विक्रय के लिए वहां नही पहुंच रहे हैं। वजह, जनपद में गेहूं कटाई और थ्रेसिंग में दो सप्ताह का समय लगेगा। जनपद के मौसम के अनुसार 15 अप्रैल तक गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार होती है। गेहूं कटाई और थ्रेसिंग के बाद ही किसान अपनी फसल को विक्रय के लिए केंद्रों पर पहुंचेंगे।
बिजनौर ही नही पश्चिम उत्तर प्रदेश में गन्ना मुख्य फसल है। दूसरे नंवर पर इन जिलों में गेहूं बुआई होती है। इस बार जनपद में करीब 1 लाख 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई हुई थी। जिले के किसान गेहूं की बुवाई ज्यादातर गन्ने की आपूर्ति कर खाली खेतों में करते है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को अनुदान पर उन्नत प्रजाति के अगेती व पछेती प्रजाति का गेहूं बीज उपलब्ध कराया जाता है। शासन ने जनपद में एक अप्रैल से करीब 36 क्रेय केंद्रों पर गेहूं खरीद आरंभ कर दी है। अभी क्रय केंद्रों पर गेहूं नही पहुंचा है। केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए पूर्ण तैयारी कर ली गई है, लेकिन गेहूं नही पहुंचने पर क्रय केंद्रों पर केन्द्र प्रभारी खाली बैठे हुए है। जनपद के वातावरण के अनुसार अभी गेहूं पकने में समय लगेगा।
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- गेहूं पकने में दो सप्ताह लगेगा
अभी गेहूं पकने में दो सप्ताह का समय लगेगा। गन्ने की चीनी मिलों में आपूर्ति कर खेत खाली होने पर गेहूं बुवाई होती है। होली के बाद गेहूं सुनहरा होने लगता था। रोजाना गेहूं की फसल पकने की ओर बढ़ रही है। दो सप्ताह के बाद ही गेहूं क्रय केंद्रों पर विक्रय होगा।
-तेगबहादुर सिंह, किसान
14 दिन बाद होगी कटाई
अगले दो सप्ताह बाद जनपद में तेजी से गेहूं कटाई शुरू हो जाएगी। गेहूं कटाई के बाद ही थ्रेसिंग होगी। तभी नया गेहूं क्रय केंद्रों पर विक्रय को पहुंचेगा। किसान की फसल मौसम पर ही निर्भर रहती है। बदलते मौसम में गेहूं की फसल भी पकने की ओर बढ़ रही है।
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- रामअवतार सिंह, किसान
वर्जन
जनपद में इस बार एक लाख चार हजार हेक्टेयर में बुवाई हुई है। गेहूं की फसल पकने को तैयार है। जनपद के मौसम के अनुसार 15 अप्रैल के करीब ही गेहूं कटाई और थ्रेसिंग होनी शुरू हो जाएगी।
- डॉ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी।
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