बिजनौर। मन, मस्तिष्क में एक विचार आने से बहुत कुछ बदल जाता है। लोगों के मन में एक ही वाक्य आता है, समाज क्या कहेगा? यहीं डर लोगों को आत्महत्या की ओर धकेल रहा है। पारिवारिक समस्याओं की वजह से भी लोग आत्मघाती कदम उठा रहे हैं।
मेडिकल अस्पताल के मनकक्ष में रोजाना करीब 80 लोग मानसिक समस्याओं से ग्रसित पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 50 प्रतिशत लोग हैं, जो पारिवारिक समस्याओं की वजह से परेशान हैं। जिले में आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। परिवार में मामूली नोकझोंक भी आत्महत्या का कारण बन रही हैं। आत्महत्या की रोकथाम के लिए जरूरी है कि समस्याओं को परिवार के साथ साझा करें।
केस नंबर एक : स्योहारा के गांव सिपाहीवाला निवासी मनप्रीत तीन बच्चों की मां के साथ दिल्ली में रह रहा था। महिला अब उसे छोड़ना चाह रही थी। मनप्रीत ने सुसाइड नोट में महिला को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है।
केस नंबर दो : नजीबाबाद के मोहल्ला पठानपुरा निवासी नवेद खां (20) ने 29 अगस्त की रात को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। नवेद ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाकर वायरल किया। उसने किरतपुर निवासी पत्नी और सास पर ब्लैकमेलिंग करने, गन पॉइंट पर एक वर्ष पूर्व निकाह के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।