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किसान के घर मातम, समिति का नहीं खुला ताला

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बिजनौर/झालू। जहर खाकर जान देने वाले किसान के घर में मातम पसरा रहा और समिति पर सन्नाटा छाया रहा। सहकारी समिति पर लगातार दूसरे दिन भी ताला नहीं खुल सका। समिति का कोई भी कर्मचारी कार्यालय नहीं पहुंचा जबकि बराबर में दूसरी समिति में कामकाज हुआ।
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झालू जाटान सहकारी समिति बीते दो दिन से बंद पड़ी है। बुधवार को समिति परिसर में किसान ने जहर खा लिया था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद ही कर्मचारी समिति में ताला लगाकर चले गए थे। बृहस्पतिवार को समिति पर किसान का शव रखकर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान भी समिति बंद थी, अब शनिवार को भी ताला लटका रहा। वहीं बराबर में अलहैदादपुर सहकारी समिति व जिला सहकारी बैंक की झालू शाखा शनिवार को खुली रही। बता दें कि हसनपुर जट निवासी किसान रेवती सिंह ने कर्ज की वसूली टीम के व्यवहार से तंग आकर जहर खाते हुए आत्महत्या कर ली थी। आरोप था कि वसूली टीम ने किसान की भतीजी की शादी होते हुए भी बेइज्जत किया था। मेहमानों के सामने बेज्जती से किसान ने अपने आप को अपमानित महसूस कर रहा था। वहीं लोगों में चर्चा है कि वसूली टीम में एक महीना पहले सेवानिवृत्त हुआ कर्मचारी भी शामिल था।
किसान के बेटे ने किया 40 हजार के कर्ज लेने का दावा
मृतक किसान के बेटे अनिल का कहना है कि उनके पिता ने लगभग 40 हजार रुपये का लोन लिया था। जिसको समिति ने 99 हजार कैसे कर दिया उनको भी जानकारी नहीं है। बताया कि उनके पिता की सहकारिता विभाग के कर्मचारियों से कई बार गलत तरीके से उनके नाम पर लोन के लिए नोकझोंक हुई थी। अनिल ने बताया कि उनके पिता ने दो बार 20-20 हजार रुपए अमीन जफर को दिए थे। लेकिन बदले में अमीन ने रसीद नहीं दी। बार-बार रसीद मांगने पर अमीन अभद्रता करता था।
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झालू समिति के प्रबंध निदेशक पर कासमपुर गढ़ी समिति का भी अतिरिक्त चार्ज है। जोकि वहां की रिकवरी में गए हैं। अन्य कर्मचारी वसूली में लगे हुए हैं। मृतक किसान के घर वसूली टीम के साथ रिटायर्ड कर्मी नहीं गया था।
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- डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, सहायक निबंधक सहकारी समितियां
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