रामगंगा की डाउन स्ट्रीम में पानी छोड़ा, फसलें डूबीं
हरेवली। कालागढ़ बांध से हरेवली रामगंगा बैराज में सिंचाई के लिए पानी रामगंगा की डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। डाउन स्ट्रीम पानी छोड़े जाने से कई गांवों में सैकड़ों बीघा गेहूं व गन्ने की फसलें जलमग्न हो गई हैं। जिससे किसानों में विभाग के प्रति रोष है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्षेत्र के किसानों दिनेश कुमार, रवि पाल सिंह, गौरव कुमार ने बताया कि राम गंगा बैराज पर 20 गेट रामगंगा नदी के, पांच गेट पोषक नहर के हैं। नवंबर से जून तक बैराज के पोंड में पानी सिंचाई के लिए इकट्ठा रहता है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते एक सप्ताह से इस पानी को रामगंगा नदी से निकाला जा रहा है। जिससे डाउन स्ट्रीम में बसे गांव परमावाला, आराजी कांदला, मुबारकपुर, गांवड़ी, घोसियोवाला, भनोटी सहित दर्जनों गांव के किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने व गेहूं की फसल जलमग्न हो गई।
किसान खूब सिंह, चेतराम सिंह, योगेंद्र सिंह, योगराज, फूल सिंह पद्म सिंह, प्रेम सिंह, रामकुमार सिंह, प्रेम स्वरूप आदि किसानों का आरोप है कि राम गंगा बैराज पर तैनात कर्मचारी रात्रि में भारी मात्रा में पानी रामगंगा में छोड़ रहे हैं। जिससे खेतों में फसलें जलमग्न हो रही हैं। किसानों का कहना है कि विभाग ने शीघ्र ही पानी बंद कर नुकसान की भरपाई नहीं की तो धरना प्रदर्शन होगा।
फसलें जलमग्न होने की नहीं जानकारी: एक्सईएन
अधिशासी अभियंता नरेश कुमार ने बताया कि कालागढ़ बांध से 5924 क्यूसेक पानी आ रहा है। जिसमें से 5250 क्यूसेक पानी की निकासी पोषक नहर से हो रही है। 425 क्यूसेक पानी रामगंगा नदी के गेट से निकाला जा रहा है। फसलें जलमग्न हो रही हैं, इसकी जानकारी नहीं है। पानी अधिक मात्रा में डाउन स्ट्रीम में नहीं छोड़ा जाएगा। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।