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आश्वासन के बाद किसानों का जल आंदोलन समाप्त

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बिजनौर के ग्राम डेबलगढ़ में किसानों के धरने को संबोधित करते एसडीएम ब्रजेश कुमार । - फोटो : BIJNOR
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आश्वासन के बाद किसानों का जल आंदोलन समाप्त
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मंडावर (बिजनौर)। गंगा पर तटबंध व पुल निर्माण के लिए गंगा किनारे चल रहा किसानों का जल आंदोलन 32 वें दिन समाप्त हो गया। एसडीएम बृजेश कुमार ने किसानों के बीच जाकर गंगा पर बनने वाले पुल निर्माण का प्रस्ताव जाकर किसानों को दिखाया। किसानों ने प्रस्ताव देखकर धरना समाप्त किया।
शुक्रवार को किसानों ने गांव डैबलगढ़ में महापंचायत की। उत्तराखंड के किसान भी महापंचायत में शामिल हुए। किसानों ने कहा कि गंगा पर पुल न होने से उन्हें अपनी जान व तटबंध न होने से रोजी रोटी से हाथ धोने पड़ रहे हैं। दोनों हालात में किसान का मरना ही है। एसडीएम बृजेश कुमार, सीओ सिटी अरूण कुमार पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ पंचायत में पहुंचे। उन्होंने पीपे से गंगा पर बनने वाले पुल का प्रस्ताव किसानों को दिखाया। एसडीएम ने बताया कि यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। प्रस्ताव की लागत 1.37 करोड़ रुपये है। प्रस्ताव के शासन से स्वीकृत होते ही पुल का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। तटबंध निर्माण का प्रस्ताव पहले ही शासन को भेजा जा चुका है। भाकियू के युवा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों की मांग को प्रशासन ने मांग लिया है। अब दोनों प्रस्तावों को मंजूरी दिलाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
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उन्होंने किसानों से मशविरा करके जल आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की। वक्ताओं ने कहा कि अगर किसानों की किसानों की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया तो 15 नवंबर से एक विशाल आंदोलन किया जाएगा। एक नवंबर से पुल का निर्माण शुरू कराने की मांग की गई। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह धनकड़, जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह, प्रदेश महासचिव रामौतार सिंह, पौड़ी गढ़वाल के मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, हरिद्वार जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री, संजीव प्रधान, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार, भगवत सिंह, कृष्णा, रोशन अली, मूलचंद सैनी, धर्मपाल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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