माइनस सात डिग्री तापमान में बीस किमी पैदल चले
कोतवाली देहात। थाना क्षेत्र के ग्राम उमरी कला निवासी इमरान अहमद का पुत्र फरहान अहमद यूक्रेन से घर वापस लौट आया। इस दौरान उसने यूक्रेन की वापसी की बातें परिजनों को बताई तो परिजनों की भी आंखें भर आई।
ग्राम उमरी निवासी फरहान यूक्रेन के विन्नित्सा शहर में एमबीबीएस का प्रथम वर्ष का छात्र था। फरहान अहमद ने बताया कि विनित्सा से वह यूक्रेन की पश्चिमी सीमा के लिए बस से चले तो बस ने सीमा से 20 किलोमीटर पहले ही उन्हें छोड़ दिया। यह रात का समय था। वहां माइनस 1 तापमान में चलने शुरू हुए और जब वह रोमानिया के बॉर्डर पर पहुंचे तब तापमान माइनस सात हो चुका था। भीषण ठंड में कई लड़कियां बेहोश हो गई थी। सीमा पर पांच-छह हजार छात्र लाइन लगाए खड़े थे। यूक्रेन की आर्मी द्वारा केवल पानी की व्यवस्था की गई थी। खाने का समान उनके पास था, जो उन्होंने विनित्सा से लिया था। बेहद कठिनाई से वह यूक्रेन की सीमा पार कर रोमानिया में पहुंचे। फरहान ने बताया कि रोमानिया में उनका स्वागत किया गया। रोमानिया सरकार द्वारा भोजन जूते और निशुल्क कंबल उन्हें दिए गए। वहां छोटे-छोटे शेल्टर हाउस बने थे जिसमें उन्हें सुविधा के अनुसार रखा गया। फरहान ने बताया कि उन्होंने भी अपनी बस के आगे तिरंगा लगाया हुआ था जिससे यूक्रेन की सेना ने बस को नहीं रोका और वह विनित्सा से 900 किलोमीटर दूर यूक्रेन की सीमा पर आसानी से पहुंच गए।