बिजनौर मेडिकल अस्पताल में पैथोलॉजी लैब के बाहर सैंपल देने के लिए लगी मरीजों की लाइन। संवाद
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बिजनौर। कहने को तो जिला अस्पताल, मेडिकल अस्पताल में तब्दील हो गया है। लेकिन, सिर्फ नाम बदला है। मरीजों की परेशानी जस की तस बनी हुई है। अस्पताल में दवाई लेने पहुंच रहे मरीजों को इंतजार का भी दर्द मिल रहा है। मरीजों को चिकित्सक से परामर्श लेने से लेकर दवाई और जांच कराने में करीब दो घंटे से ज्यादा का ही समय लग रहा है।
शनिवार को टीम मरीजों की सुविधाओं की पड़ताल करने मेडिकल अस्पताल पहुंची। फिजीशियन, हड्डी, नेत्र विभाग की ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। पड़ताल के दौरान जांच करा रहे मरीज आशाराम ने बताया कि करीब 15 दिन से बुखार आ रहा है। दवाई लेने के लिए सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंचा। पहले चिकित्सक से परामर्श लेने में ही आधा घंटे से ज्यादा समय लग गया। इसके बाद दवाई लेने में करीब आधा घंटा लाइन में लगना पड़ा। तब, दवाई मिली। वहीं, चिकित्सक द्वारा लिखी गई बुखार की जांच कराने में आधा घंटा लगा।
यहां लाइन में लगकर आधे घंटे में सैंपल दिया। जांच रिपोर्ट डेढ़ बजे के बाद मिलेगी। वहीं, मेडिकल अस्पताल में दवाई देने के लिए तीन काउंटर बने हुए हैं। लेकिन, फार्मासिस्ट की कमी होने से यहां प्रशिक्षु फार्मासिस्ट मरीजों को दवाई दे रहे हैं। इस वजह से दवा काउंटर पर भी मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई नजर आई।