पुलिस की लापरवाही का फायदा उठा रहे शातिर
बिजनौर/नूरपुर। स्थायी जेल और कोविड केयर सेंटरों के कमजोर खिड़की दरवाजों को तोड़कर शातिर बदमाश फरार हो रहे हैं। चार दिन पहले बिजनौर शहर में बनाई गई अस्थायी जेल के दरवाजों को तोड़कर पेड़ के सहारे नीचे उतरकर चार बंदी फरार हुए। इनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। मंगलवार सुबह भी स्वाहेड़ी कोविड केयर सेंटर के कमजोर दरवाजे और पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाकर वाजिद वहां से फरार हो गया। अस्थायी जेल में हुई घटना के बाद यदि पुलिस चौकसी बरतती को वाजिद फरार होने की हिम्मत नहीं करता।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए जेल भेजने से पहले बंदियों को अस्थायी जेल में क्वारंटीन किया जाता है। इसके अलावा यदि कोई बंदी संक्रमित पाया जाता है तो उसे कोविड केयर सेंटर भेज दिया जाता है। उसके स्वस्थ होने पर ही उसे जेल में दाखिला मिलता है। बृहस्पतिवार को बिजनौर में बनाई गई अस्थायी जेल से चार बंदी संजू, अक्षय, कुलवीर व फरमान जेल के सीढ़ियों का दरवाजा तोड़कर फरार हो गए थे। संजू को मौके से दबोच लिया था। अक्षय नगीना देहात क्षेत्र से पकड़ा गया था। कुलवीर व फरमान पर 25-25 हजार का इनाम था। फरमान को पुलिस ने देहरादून से पकड़ लिया था। कुलवीर अभी पुलिस के हाथ नहीं आया है। कोविड सेंटर स्वाहेड़ी से फरार हुए कोरोना संक्रमित वाजिद को नूरपुर पुलिस ने मंगलवार दोपहर रोडवेज बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। नूरपुर के मोहल्ला इस्लामनगर निवासी वाजिद को पुलिस ने तीन सितंबर को तमंचे के साथ गिरफ्तार कर चालान किया था। मंगलवार को उसके फरार होने के बाद कोतवाली शहर बिजनौर में दरोगा जसवीर सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस मामले में लापरवाही बरतने पर शहर कोतवाली में तैनात दरोगा मनफूल सिंह और सिपाही कुलदीप व राजू यादव को निलंबित किया गया है। इनके खिलाफ जांच भी शुरू हो गई है।
दरवाजा टूटा देखने के बाद भी नहीं की गिनती
वाजिद के फरार होने का कई घंटे तक किसी को पता नहीं चला। वाजिद सुबह करीब चार से पांच बजे के बीच फरार हुआ। कोविड केयर सेंटर के पीछे का दरवाजा तोड़कर वह आराम से निकल गया। सुबह करीब आठ बजे स्टाफ के लोगों ने पीछे का दरवाजा टूटा पाया। इसके बाद भी स्टाफ की आंख नहीं खुली। किसी ने तब भी सेंटर के मरीज व बंदियों की गणना करना उचित नहीं समझा। 11 बजे गणना करने पर पता चला कि वाजिद फरार हो गया है। वाजिद अन्य मरीजों के साथ कोविड सेंटर में दाखिल था। वाजिद के फरार होने का पता चलने पर स्टाफ के हाथ पांव फूल गए। पुलिस को सूचना दी गई। तब उसकी तलाश की गई।