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Bijnor News: जन्मतिथि सत्यापन में लगे पांच साल, कार्यकाल पूरा होने पर चुनाव अवैध घोषित

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नहटौर। किसी भी मामले में न्याय पाने की प्रक्रिया कितनी जटिल और सुस्त है, इसका उदाहरण ग्राम पंचायत अखेड़ा के चुनाव के मामले में देखने को मिला। प्रधान चुनी गई शिवानी की आयु का सत्यापन करने में न्यायालय को पांच साल लग गए। अब प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनी गई प्रधान खिलाफ फैसला आया और उनके निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया है। न्यायालय ने माना कि वर्ष 2021 में चुनाव जीतीं शिवानी की आयु 21 वर्ष से कम थी।
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ग्राम पंचायत अखेड़ा निवासी पूनम देवी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव-2021 के बाद निर्वाचन याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि विजयी प्रत्याशी शिवानी ने निर्धारित आयु सीमा पूरी किए बिना चुनाव लड़ा। इसके बाद से मामला एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के साक्ष्य और अभिलेखों का परीक्षण किया गया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि आयु निर्धारण के लिए हाईस्कूल का प्रमाणपत्र सबसे विश्वसनीय दस्तावेज माना जाता है। अभिलेखों के अनुसार शिवानी की जन्मतिथि 14 अगस्त 2000 दर्ज है। इस आधार पर 7 अप्रैल 2021 को नामांकन के समय उनकी आयु 21 वर्ष पूर्ण नहीं थी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि न्यायालय के निर्देश के हाईस्कूल प्रमाणपत्र की मूल प्रति प्रस्तुत नहीं की गई।


इन तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने दो मई 2021 को संपन्न ग्राम प्रधान चुनाव को शून्य घोषित करते हुए शिवानी की सदस्यता समाप्त कर दी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए विधिसम्मत व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
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पांच साल बाद फैसले पर उठे सवाल


नहटौर। निर्वाचन याचिका पर फैसला ऐसे समय आया है, जब पंचायत का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो चुका है। ऐसे में करीब पांच वर्ष तक चले मुकदमे के बाद आए इस निर्णय को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं, निर्वाचन याचिका की वादी पूनम देवी व उनके पति मुकेश ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2021 में ही आयु संबंधी अनियमितता का मामला उठाया था। उनका कहना है कि न्यायालय ने आखिरकार साक्ष्यों के आधार पर न्याय किया, लेकिन सवाल यह है कि यदि प्रत्याशी नामांकन के समय ही अयोग्य थी तो निर्णय आने में करीब पांच वर्ष क्यों लग गए। न्याय में हुई देरी पर भी गंभीर मंथन होना चाहिए। संवाद
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अभी आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। आदेश की प्रति प्राप्त होने पर आदेशों का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रताप सिंह, बीडीओ, नहटौर
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