बिजनौर। शहरवासियों की सुविधा और उन्हें साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करने के लिए बनाई गई व्यवस्था परवान नहीं चढ़ सकी। कोरोना काल में घर लौटते मजदूरों द्वारा छोड़ी गई साइकिलों के सदुपयोग को प्रशासन ने इन्हें सही कराकर जगह-जगह स्टैंड बनाए थे। मंशा यह थी कि लोग इन साइकिलों से शहर में एक से दूसरे स्थान पर जा सकेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। वर्तमान में स्थिति यह है कि साइकिलें तो लापता हैं जबकि इनके स्टैंड जर्जर हो गए हैं।
कोरोना काल में मजदूरों से जब्त साइकिलों को जिला प्रशासन ने बाइक्स ऑफ बिजनौर के नाम से किराये पर चलाने की शुरुआत की थी। इनमें उन साइकिलों को लिया गया था जो हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड आदि प्रदेशों से लौट रहे मजदूरों को प्रशासन ने यहां रोककर रखवा ली थीं। मजदूरों को अन्य वाहनों से घर भेजा गया था। बिजनौर तहसील क्षेत्र से 350 साइकिल जमा की गईं थीं। इन्हें इंदिरा बाल भवन में रखा गया था। 2021 में साइकिल मालिकों से संपर्क किया गया तो कुछ लोग अपनी साइकिलें ले गए थे। इसके बावजूद सौ से ज्यादा साइकिलों को लेने कोई नहीं आया।
साइकिल चलाने में किसी ने नहीं ली रुचि
वर्ष 2021 में जिले में तैनात संयुक्त मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य मलिक ने मजदूरों की साइकिलों को बाइक्स ऑफ बिजनौर के नाम से किराए पर चलाने की योजना बनाई। करीब 100 साइकिलों की मरम्मत कराकर इन पर पीला रंग कराया गया। शहर में दस साइकिल स्टैंड बनवाए। चार घंटे के लिए पांच रुपये व 12 घंटे के लिए दस रुपये में साइकिल किराए पर देना तय किया। गिनती के लोगों ने भी इन साइकिलों को किराये पर लेने में रुचि नहीं ली है।
स्वास्थ्य के लिए बेहतर साइकिल चलाना
बिजनौर शहर निवासी विजयदीप बबलू ने बताया कि वह 20 साल से सुबह व शाम को साइकिल पर चलते हैं। शहर के अंदर के अधिकांश कार्य वह साइकिल से करते हैं। साइकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए बहुत बेहतर है। यह पूरे शरीर के लिए अच्छा व्यायाम है।
दूसरे राज्यों तक की साइकिल यात्राएं
साइक्लोमेड फिट इंडिया के संस्थापक डॉ. अनिल ने वर्ष 2018 में डॉ. नौसरान ने पुनः साइक्लिंग शुरू की। उनका कहना है कि आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न रोग धीरे-धीरे उनके स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं, तब उन्होंने साइक्लिंग को अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कोलकाता, मुंबई, शिमला, मसूरी, नैनीताल, लैंसडाउन, पौड़ी, श्रीनगर, प्रयागराज, जयपुर, बिहार, करनाल, सोनीपत, अयोध्या, ब्रज भूमि, चंडीगढ़, गुरुग्राम सहित देश के अनेक शहरों और क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता साइकिल यात्राएं की हैं।