जोत-बही के अनुपात से मिलेगा यूरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर। गन्ना उत्पादन के लिए किसान यूरिया खाद का प्रयोग कर रहे है। खाद गोदाम, स्टोर और प्राइवेट दुकानों से खाद उठा रहे है। जनपद में सभी बिक्री केंद्रों पर 46 618 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसमें किसानों को 38042 मीट्रिक टन यूरिया वितरित हो रहा है। यूरिया खाद की ज्यादा बिक्री होने पर विभाग की ओर से नए कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को जोत-बही या खतौनी देखकर उसमें अंकित कृषि भूमि एवं उगाई जाने वाली फसल की निर्धारित संस्तुतियों के अनुसार पीओएस मशीन के माध्यम से उर्वरकों बिक्री कर रहे हैं।
जनपद में सवा दो लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना क्षेत्रफल है। गन्ना बुवाई के लिए डीएपी खाद की मांग होती है, लेकिन वर्तमान में गन्ने किसान यूरिया व कीटनाशक दवाईयों का प्रयोग कर रहे हैं। किसानों को की मांग के सापेक्ष यूरिया की उपलब्धता पूरी है। जनपद में सभी बिक्री केंद्रों एवं स्टोर में 46618 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। सभी केंद्रों से 38042 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किया जा चुका है। खाद का सही मात्रा में प्रयोग एवं कालाबाजारी को रोकने के लिए जमीन के अनुसार किसानों को यूरिया उपलब्ध करा रहा है।
नैनो यूरिया तरल के प्रयोग को कर रहे प्रेरित
कृषि विभाग, गन्ना विभाग की ओर से गोष्ठियों के माध्यम व संपर्क कर किसानों को दानेदार यूरिया की जगह नैनो यूरिया तरलपदार्थ का फसल में प्रयोग करने को प्रेरित कर रहे हैं। इसे किसानों का खर्च कम होगा। नैनो यूरिया कीटनाशक दवाईयों के छिड़काव भी कर सकते हैं। फिर भी किसान यूरिया दानेदार का प्रयोग कर रहे हैं।
उपलब्धता - 46 618 मीट्रिक टन
बिक्री हुआ - 38042 मीट्रिक टन
जनपद में खाद की कमी नहीं है। जमीन के हिसाब से ही किसानों को खाद वितरित किया जा रहा है। सभी बिक्री केंद्रों पर पूर्व में निर्देशित किया गया है। स्टोर पर आने वाले जोत-बही व जमीन के अनुसार फसलों की मात्रा (संस्तुत) यूरिया की बिक्री की जा रही है।
-डॉ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी।