बिजली चेकिंग पर ग्रामवासियों का हंगामा
बिजनौर, स्योहारा। विद्युत निगम के कर्मचारियों को फर्जी समझकर गांव वालों के घेर कर बंदी बना लिया। किसान यूनियन के नेताओं ने पुलिस को बुलाया। बाद में कर्मचारियों के माफी मांगने के बाद गांव वालों ने जाने दिया।
सोमवार को गांव मकनपुर में विद्युत निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने गांव में कैंप लगाया था। इसके बाद घर-घर पहुंचकर बिजली बकाएदारों के कनेक्शन एवं केबिल काटने शुरू कर दिए। घरों में लोगों ने विरोध किया। ग्रामीणों ने कर्मचारियों को फर्जी बताते हुए हंगामा कर लिया और घेराबंदी कर ली। जानकारी मिलने पर भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी गजेंद्र सिंह टिकैत एवं पुलिस को दी। भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह टिकैत सहित कई पदाधिकारी और पुलिस भी मौके पर पहुंची। बिजली कर्मियों से पूछताछ की और वास्तविकता का पता लगाकर ग्रामीणों को शांत किया।
ग्रामीणों रवि चौधरी, समरपाल सिंह, भूदेव सिंह, तेजपाल सिंह, नरपाल सिंह, रघुपाल सिंह ने आरोप लगाया कि बिना कोई नोटिस एवं सूचना दिए घरों में घुस कर बिजली काटने और महिलाओं बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार किया। विद्युत निगम के जेई चेतराम सिंह का कहना है कि गांव में बिजली बकाया जमा कराने के लिए कैंप लगाया गया था। कई घरों में बिना कनेक्शन बिजली की चोरी हो रही थी। इसे उन्होंने चेक किया था। उन पर अभद्रता के बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह टिकैत ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना मिलने पर वह गांव पहुंचे थे। उन्होंने विद्युत निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बात की। इसके बाद विद्युत निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा माफी मांगने पर मामला शांत कराया गया। ग्राम प्रधान दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनके गांव में सुबह विद्युत निगम का कैंप लगा था। इसके बाद विद्युत निगम के कर्मचारियों ने गांव में घूम कर केबिल उतारे।