बगदाद अंसार निवासी अब्दुल शकूर का कहना है कि पुत्र नाजिम उनका छह पुत्र पुत्रियों में सबसे बड़ा पुत्र है। 15 वर्ष की अवस्था में वह पंजाब में नौकरी करने के लिए गया था।लगभग एक महीने तक नाजिम ने लुधियाना की एक फैक्टरी में नौकरी की लेकिन उसके बाद नाजिम का कोई आता-पता नहीं लगा। उन्होंने काफी प्रयास किया लेकिन नाजिम के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
उन्होंने धामपुर पुलिस, पुलिस अधीक्षक बिजनौर और पंजाब में भी नाजिम के गायब हो जाने की रिपोर्ट कायम कराई लेकिन पुलिस नाजिम का पता नहीं निकल पाई। अब वह यह मानकर घर बैठ गए थे कि उनका पुत्र नाजिम दुनिया में अब नहीं है। चार दिन पहले जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो को उन्होंने देखा तो वह फोटो देखकर आश्चर्य चकित रह गए। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
सोशल मीडिया में उनके पुत्र का फोटो था जिसमें बाबा रतन देव समिति अमृतसर पंजाब की ओर से लिखा गया था कि नाजिम नाम का व्यक्ति पिछले डेढ़ साल से उनके आश्रम में है। नाजिम जिसका पुत्र हो तो वह पहचान लें और आश्रम से ले जाएं। नाजिम को पहचान लिए जाने के बाद परिजनों ने संबंधित समिति के पदाधिकारियों से संपर्क किया क्योंकि सोशल मीडिया पर संबंधित समिति के पदाधिकारी का मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ था।
मोबाइल पर फोन से संपर्क करने के बाद वह दो दिन पहले अमृतसर पंजाब संबंधित समिति आश्रम में पहुंचे। वहां पर संस्था के पदाधिकारियों से वार्ता की। वहां उन्होंने नाजिम को पहचान लिया। नाजिम उन्हें देखकर भावुक हो गया। नाजिम के मिलने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
अब वह नाजिम का निकाह करेंगे , काम करने भी बाहर नहीं जाने देंगे
पिता अब्दुल शकूर और अन्य परिजनों का कहना है कि अब वह नाजिम को कभी नौकरी करने के लिए बाहर नहीं जाने देंगे। वह घर पर ही काम करेंगे क्योंकि उनके परिवार में चाऊमीन, बर्गर आदि का ठेला लगाया जाता है।