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यूपी: बिजनौर के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, एमबीबीएस छात्र का मुंडवा दिया सिर, 13 छात्रों की शिकायत; जांच बैठाई

Thu, 29 Oct 2026 06:49 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

Bijnor News: जिले के महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के बॉयज हॉस्टल में रोज शाम को छात्रों की रैगिंग किए जाने की शिकायत एक छात्र के पिता ने की है। एनएमसी ने जांच बैठाते हुए प्राचार्या से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एक बार फिर रैगिंग को लेकर चर्चाओं में हैं। मेडिकल कॉलेज में सीनियर छात्रों ने जूनियर की रैगिंग कर सिर मुंडवा दिया। छात्र के पिता ने एनएमसी से शिकायत की। मामले का संज्ञान लेते हुए एनएमसी ने प्राचार्या से एमबीबीएस के जूनियर छात्रों के साथ हुई रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न और अभद्रता की 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी है।
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एनएमसी से की गई शिकायत में छात्र के पिता ने हॉस्टल प्रशासन पर भी मामले को रफादफा करने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया कि बॉयज हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ लगातार रैगिंग, अभद्रता की जा रही है और धमकी दी जा रही है। हॉस्टल में रोजाना शाम को पांच बजे से सात बजे के बीच जूनियर एमबीबीएस छात्रों के साथ रैगिंग की जा रही है। 
 

शिकायतकर्ता ने साल 2024 बैच के सीनियर छात्रों पर रैगिंग करने का आरोप लगाया है। शिकायत में 10 से 13 सीनियर छात्रों के नाम, कमरा नंबर का भी उल्लेख किया गया है। रैगिंग की वजह से छात्र मानसिक रूप से परेशान है। रैगिंग की घटना से जूनियर छात्रों की पढ़ाई पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया था। अब शिकायत मिलने के बाद एनएमसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्या से 24 घंटे में एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है।
 

हॉस्टल वार्डन पर भी लगाया कार्रवाई नहीं करने का आरोप
शिकायत में कहा गया कि रैगिंग की शिकायत पीड़ित छात्र ने हॉस्टल वार्डन से भी की। लेकिन उन्होंने रैगिंग की घटना की निष्पक्ष जांच नहीं की और बिना ठोस कार्रवाई किए जाने दिया। एनएमसी के एंटी-रैगिंग सेल के अधिकारी ने सभी 11 बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब मांगा है।
 

अप्रैल में रैगिंग करने पर 11 छात्रों पर हुई थी कार्रवाई
महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में रैगिंग का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2026 में छात्र की रैगिंग की गई थी। इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 11 छात्रों पर कार्रवाई की थी। इनमें एक छात्र पर 10 हजार रुपये जुर्माना व छह सप्ताह का निलंबन, एक छात्र पर 10 हजार रुपये जुर्माना व चार सप्ताह का निलंबन, एक छात्र को पांच हजार रुपये जुर्माना व दो सप्ताह का निलंबन और आठ छात्रों को दो सप्ताह के निलंबन की सजा दी गई थी।
 

निलंबन के बाद भी नहीं सुधरे रैगिंग करने वाले छात्र
मिली जानकारी के अनुसार, अप्रैल में रैगिंग करने के मामले में छात्रों को निलंबित किया गया था। इस बार भी रैगिंग में उन चार छात्रों का नाम भी सामने आया है, जिन्होंने पहले रैगिंग की थी। निलंबन के बाद भी छात्रों में सुधार नहीं हुआ है।
 

एंटी रैगिंग कमेटी भी जूनियर छात्रों की रैगिंग रोकने में नाकाम
मेडिकल कॉलेज में 19 सदस्य एंटी रैगिंग कमेटी बनी हुई है। इसमें प्राचार्या अध्यक्ष और 10 फैकल्टी के सदस्य और आठ विद्यार्थी शामिल हैं। मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों की रैगिंग होने से साफ पता चल रहा है कि कमेटी रैगिंग रोकने में नाकाम है। एंटी रैगिंग कमेटी सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गई है।
 
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ये बोलीं प्रचार्या
रैगिंग की प्राथमिक जांच कर एनएमसी को रिपोर्ट भेज दी गई है। रैगिंग करने में जिन सीनियर छात्रों के नाम प्रकाश में आए हैं, उनके अभिभावकों को बुलाया गया है। चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे को निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. ललिता चौधरी, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर

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