जिलाध्यक्ष छतर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने थाने में महापंचायत करने का चेतावनी पत्र लगाने का प्रयास किया। मंडावली थानाध्यक्ष सुदेशपाल सिंह और पुलिसकर्मियों ने जिलाध्यक्ष को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और किसान संगठन के लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने जिलाध्यक्ष छतर सिंह को पकड़कर हिरासत में ले लिया और अन्य किसानों को लाठी फटकार कर खदेड़ दिया।
नांगल थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि संयुक्त किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष छतर सिंह के खिलाफ कोतवाली शहर पुलिस के पास गैरजमानती वारंट है, जिसमें पुलिस को उनकी तलाश थी। उन्हें हिरासत लेकर बिजनौर पुलिस को सौंपा गया है।
बुधवार को इस मामले में एक वीडियो भी वायरल हो गया, इसमें दरोगा बुजुर्ग को पहले बाजू से पकड़ता है फिर गर्दन से पकड़कर घसीटते हुए थाने ले गया।
जिलाध्यक्ष की पुत्री ने एसपी को लिखा पत्र
कोतवाली शहर के गांव आसपुर नवादा निवासी प्रियंका देशवाल ने एसपी को पत्र लिखकर नांगल पुलिस पर धरना दे रहे किसानों को जबरन लाठी डंडों से खदेड़ने का आरोप लगाया है। साथ ही जिलाध्यक्ष छतर सिंह को थानाध्यक्ष अशोक कुमार और एक दरोगा द्वारा घसीट कर ले जाने व मारपीट करने के मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रियंका देशवाल का कहना है कि उसकी कृषि भूमि नांगलसोती के मौजा शाहपुर जसरथ उर्फ पूंडरी में है। कुछ लोगों ने उनके नलकूप का पाइप, मोटर आदि चोरी कर लिया था। इस मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर पिता और संगठन कार्यकर्ता शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे।