बिजनौर में कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव सिंकदरपुर में ही नरभक्षी के घूमने के प्रमाण मिल रहे हैं। वन विभाग ने उस जगह ट्रैप कैमरे लगाए थे, जहां पर गुलदार ने वृद्ध ब्रह्मपाल को मारा था। वहां लगे ट्रैप कैमरे में एक गुलदार की तस्वीर कैद हुई थी। माना जा रहा है कि घटनास्थल पर घूम रहा गुलदार नरभक्षी हो सकता है।
बताया गया कि वह पिछले पांच दिन से लगातार वन विभाग की टीम को चकमा दे रहा है। वन्य जीव विशेषज्ञों का मानना है कि नरभक्षी बनने वाला गुलदार सामान्य से अधिक चतुर हो जाता है। वह इंसानों से छिपने लगता है तो वहीं अंधेरे में अकेले इंसान को ही हमले के तलाशता है। ऐसा ही हाल सिंकदरपुर के नरभक्षी का हो रहा है। वह पिछले पांच दिनों से लगातार शूटर, चिकित्सक और वन विभाग की टीम को चकमा दे रहा है। पहले दो दिन जब टीम ने मचान पर इंतजार किया तो गुलदार दूसरी जगह घूमता रहा। जैसे ही टीम ने लोकेशन बदली तो मचान के पास खुले में बांधी गई बकरी को गुलदार खा गया। दो दिन पहले वापस टीम मचान पर आई तो गुलदार पिंजरे के पास घूमकर चला गया। इस बीच वन विभाग के ट्रैप कैमरे में एक तस्वीर भी कैद हुई, जो सात अगस्त की रात की बताई जा रही है। इसमें गुलदार उसी जगह घूमता नजर आ रहा है, जहां पिछले सप्ताह ब्रह्मपाल को गुलदार ने मारा था। कुछ वन अधिकारी इसे ही नरभक्षी मान रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इसके बाद टीम ने और सतर्कता के साथ उसकी तलाश शुरू कर दी है।