कटाने रोकने का प्रयास करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
रविवार से शुरू गंगा कटान से सोमवार को शाम होते-होते तटबंध बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कई जगहों से पानी रिसने लगा है, जिससे तटबंध की चौड़ाई घटकर एक से दो मीटर तक ही रह गई। गंगा की मुख्यधारा तटबंध से टकराकर बह रही है। कटान रोकने के लिए 48 घंटों से जारी प्रयास भी विफल हो गए हैं। हर घंटे तटबंध का बड़ा हिस्सा गंगा में गिर रहा है।
दिनभर तटबंध बचाने के लिए पेड़, रेत के बोरे और बल्लियां लगाकर कटान रोकने का प्रयास चलता रहा। सोमवार की शाम डीएम जसजीत कौर ने वीडियो जारी कर आसपास के 12 गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अलर्ट कर दिया है। प्रधान और शिक्षकों के माध्यम से इन गांवों में मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों ने अपना जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तैनात : डीएम
डीएम जसजीत कौर ने कहा कि तटबंध को बचाने का प्रयास चल रहा है लेकिन इसके टूटने की आशंका प्रबल है। आसपास के 12 गांवों को खाली कराया जा रहा है। पांच जगहों पर राहत और आश्रय स्थल बना दिया गए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तैनात है।
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