इसके बाद आरोपी फरार हो गए। प्रेस वार्ता में एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एएसपी देहात राम अर्ज भी मौजूद रहे। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में स्वाट प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र कुमार, निरीक्षक मनोज परमार, जर्रार हुसैन, थानाध्यक्ष नरेंद्र गौड़, एसआई धर्मेंद्र सिंह, मनीष कुमार आदि शामिल रहे।
मोबाइल से हुई शनाख्त
लवी की जेब में मोबाइल फोन बरामद हुआ था, जिसे पुलिस ने बरामद कर चार्ज किया। मोबाइल चार्ज होने पर खोलकर देखा गया और सीडीआर खंगाली। मोबाइल से ही मृतक की शनाख्त हुई। जिसके बाद हत्याकांड की कड़िया खुलती चली गईं। पुलिस सूत्रों के अनुसार शव बरामद होने के अगले दिन ही आरोपी शोभित और अन्य मंडावली थाने पहुंचे। उन्होंने हरिद्वार के रहने वाले किसी व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया। तब तक पुलिस सीडीआर के सहारे काफी कुछ जान चुकी थी। पुलिस ने वह झूठी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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नशे में डूब जाने तक पिलाते रहे शराब
हत्याकांड को अंजाम देने से करीब पंद्रह दिन पहले से ही साजिश रची जा रही थी। हत्या वाले दिन आरोपियों को लवी को कार में बैठाया और नजीबाबाद की तरफ निकल पड़े। किरतपुर से शराब खरीदी, कार में शराब पीते रहे। इसके बाद नजीबाबाद के पास हाईवे पर बैठकर शराब पी। घटनास्थल पर भी शराब का खाली बोतल, पानी की बोतल और गिलास बरामद हुए थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो लवी को तब तक शराब पिलाई गई जब तक वह बेसुध नहीं हो गया।