Bijnor News: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। पुलिस ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन की अनुमति न होने की बात कहते हुए उन्हें बाहर निकाल दिया। इसके लेकर पुलिस से काफी देर तक झड़प होती रही।
कांग्रेसियों ने सोमवार को सिर पर काली पट्टी बांधकर कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसियों को पुलिस ने बाहर निकाल दिया। पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के पुतले जलाने का भी प्रयास किया। मगर पुलिस ने पुतले छीन लिए। कांग्रेसियों ने एसआईआर और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की।
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पुलिस से नोकझोंक।
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हैनरीता राजीव सिंह की अगुवाई में कार्यकर्ता जिला कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट में दाखिल हो गए। उधर कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन पर पाबंदी लगा दी गई है, ऐसे में पुलिस ने कांग्रेसियों को बाहर निकाल दिया। कलक्ट्रेट से बाहर निकलते ही एक गाड़ी में रखे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पुतलों को अचानक बाहर निकाला और जलाने का प्रयास किया। इसके बाद विकास भवन में पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया गया।
काली पट्टी को हटाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
इनकी ओर से दिए ज्ञापन में कहा कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए एकतरफा निर्णयों पर 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की। इन आपत्तियों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से अनाधिकृत रूप से नए मतदाताओं को जोड़ने, अधिकृत मतदाताओं के नाम हटाने, निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली को दिल्ली में केंद्रित करने तथा दोनों निर्वाचन आयुक्तों को इससे संबंधित जानकारी से दूर रखा गया है।
कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले से ही वोट चोरी अभियान के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाकर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने, उनके कार्यकाल में लिए गए सभी निर्णयों और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की व्यापक एवं स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग उठाई। इस दौरान महेश कुमार, निजामुद्दीन, योगेंद्र कुमार, हुमायूं बेग, वसीम अकरम, मोहम्मद हनीफ आदि मौजूद रहे।