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चिकित्सकों और मरीजों के बीच हो अटूट विश्वास

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डॉक्टर राहुल कुमार। - फोटो : BIJNOR
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चिकित्सकों और मरीजों के बीच हो अटूट विश्वास
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बिजनौर। चिकित्सक का दूसरा रूप भगवान माना जाता है। वह हर परिस्थिति में अपने मरीज को बचाने की कोशिश करता है। इसी के साथ साथ मरीज और उनके तिमारदारों को भी यह बात समझनी चाहिए कि वे डॉक्टर पर पूरा भरोसा रखें। जिससे दोनों के बीच संबंध मधुर बना रहे। आज डॉक्टर्स डे है। महान भारतीय चिकित्सक डॉ. विधानचंद्र राय का जन्म दिवस एक जुलाई को मनाया जाता है। उनका जन्म 1882 में बिहार के पटना जिले में हुआ था। कोलकाता में चिकित्सा शिक्षा पूर्ण करने के बाद डॉ. राय ने एमआरसीपी और एफआरसीएस की उपाधि लंदन से प्राप्त की। 1911 में उन्होंने भारत में चिकित्सकीय जीवन की शुरुआत की। इसके बाद वे कोलकाता मेडिकल कॉलेज में व्याख्याता बने। वहां से वे कैंपबैल मेडिकल स्कूल और फिर कारमिकेला मेडिकल कॉलेज गए। उनकी ख्याति एक शिक्षक एवं चिकित्सक के रूप में नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानी के रूप में महात्मा गांधी के साथ असहयोग आंदोलन में शामिल होने के कारण बढ़ी है।
चिकित्सकों को सता रही अपने पेशे की चिंता
आजकल व्यवसायिकता की अंधी दौड़ में शामिल हो चुके चिकित्सकों को भी अब अपने पेशे को लेकर चिंता सताने लगी है। हांलाकि इस पेशे में बढ़ती व्यवसायिकता से सीनियर चिकित्सक काफी आहत हैं, लेकिन कुछ ऐसे डॉक्टर भी हैं, जो अभी भी डॉक्टर पेशे के रूप में सेवाभाव जिंदा है। जिला अस्पताल के रिटायर्ड पैथोलॉजिस्ट डॉ. पीके सिंह बताते हैं कि पुराने समय में जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. केके दुआ, बिजनौर के ही सीएमओ रहे डॉ. जीएल कन्नौजिया, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. वाईएन अग्रवाल, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके गोयल, डॉ. एसके मित्तल, डॉ. मीरा गुप्ता, विमला तलवार आदि ऐसी सख्सियत रहीं, जिन्होंने डॉक्टरी के फील्ड में अपने हुनर का लोहा मनवाया है। इसके अलावा डॉ. राधेश्याम गौड़, नीरज गुप्ता, स्त्री रोग विशेषज्ञ नीता सिंह, रीता त्यागी, एजाज अहमद शमशी, अशोक चौधरी, अजय शर्मा और आर्मी से रिटायर्ड जनरल फिजीशियन डॉ. देवास्वरूप गुप्ता, एके फारूकी, सीएल शाही आदि जिले के नामी चिकित्सकों में शामिल रहे हैं। वर्तमान में भी सिविल लाइन में स्थित गायत्री नर्सिंग होम डॉ. देवा स्वरूप गुप्ता की पत्नी जिला महिला अस्पताल की सीएमएस रही डॉ. गायत्री गुप्ता के नाम से संचालित है।
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क्या कहना है चिकित्सकों का
हीरालाल नर्सिंग होम के संचालक जनरल सर्जन डॉ. राहुल कुमार के अनुसार बीमारी का कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का अभाव है। कहा कि बीमारी के इलाज से बेहतर उसका बचाव करना है। इसके लिए सभी को ब्लड शुगर व उच्च रक्तचाप की जांच अनिर्वाय रूप से करानी चाहिए। इस मुश्किल घड़ी में डॉक्टरों को पूरे बचाव के साथ अपने मरीजों का इलाज करना चहिए।
गायत्री नर्सिंग होम की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीता सिंह का कहना है कि पुराने दिनों में हर फील्ड के लोग रुपये कमाने की अंधी दौड़ में शामिल होते थे, लेकिन डॉक्टरी पेशा इससे अछूता था। इसलिए डॉक्टरों को काफी सम्मान मिलता था। वर्तमान में स्थिति इसके एकदम उलट हो गई है। हांलाकि कुछ डॉक्टर अभी भी सीमित संसाधनों के बाद भी अपने कर्तव्य को ईमानदारी के साथ पूरा कर रहे हैं।
पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक छाती रोग एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. अवधेश वशिष्ठ ने बताया कि इस महामारी के समय में भी मरीजों की सेवा के लिए सदैव तत्पर हैं। केवल इसी दिन नहीं हर दिन चिकित्सकों का सम्मान करना चहिए। डॉक्टर की असली परख इसी महामारी में ही होगी।
सूफिया मेमोरियल हॉस्पिटल की चेस्ट फिजीशियन डॉ. तजीन आरिफ बताती हैं कि डॉक्टर होना सिर्फ एक काम नहीं है, बल्कि चुनौतीपूर्ण वचन बद्धता है। कहा युवा डॉक्टरों को डॉ. विधानचंद्र राय की तरह जवाबदारी पूरी कर डॉक्टरी पेशे को बदनाम होने से बचाने के लिए पहल करनी होगी।
सुमित्रा नर्सिंग होम के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. नमन गुप्ता का कहना है कि यह दिन यह विचार करने के लिए है कि डॉक्टर हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वर्तमान में डॉक्टर पुराने सम्मान को प्राप्त करने के लिए संघर्ष करता नजर आ रहा है। इसके पीछे कई कारण हैं। डॉक्टरों को अपनी जवाबदारियों का पालन ईमानदारी से करना सीखना होगा।
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विश्नोई नर्सिंग होम की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अलका विश्नोई ने बताया कि वर्तमान में डॉक्टरी ही एक ऐसा पेशा है, जिस पर लोग विश्वास करते हैं। इसे बनाए रखने की जिम्मेदारी सभी डॉक्टरों पर है। डॉक्टर्स डे स्वयं डॉक्टरों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह उन्हें अपने चिकित्सकीय प्रैक्टिस को पुनर्जीवित करने का अवसर देता है।

डॉक्टर तजीन आरिफ़।- फोटो : BIJNOR

डॉक्टर अलका विश्नोई।- फोटो : BIJNOR

डॉक्टर अवधेश वशिष्ठ।- फोटो : BIJNOR

डॉक्टर नमन गुप्ता।- फोटो : BIJNOR

डॉक्टर पीके सिंह।- फोटो : BIJNOR

डॉक्टर नीता सिंह।- फोटो : BIJNOR

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