नींदडू। शादी में आतिशबाजी छोडने से बाज नहीं आ रहे लोगों को समझाने के लिए उलमा ने मस्जिदों से बाहर निकलकर चौराहों और मोहल्लों में जलसे आयोजित करने का निर्णय लिया है।
जामा मस्जिद में विचार-विमर्श के दौरान कहा गया कि नींदडू खास ए बाजीदपुर.बीरू और मोहम्मद अलीपुर भिक्कन की मस्जिदों में सामाजिक बुराइयां छोड़ने के आह्वान के बाद भी लोग बुराई नहीं छोड़ पा रहे हैं। निर्णय लिया कि अब चौराहों और मोहल्लों में जलसे आयोजित कर लोगों को समझाने का कार्य किया जाए। शुक्रवार की रात बुद्ध बाजार के तिराहे पर अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन की ओर से जलसे का आयोजन किया गया।
मुफ्ती मोहम्मद कासिम ने अपनी तकरीर में समाज में मौजूद ब्याज, जुआ और शराब समेत कई बुराइयों पर चर्चा करते हुए लोगों से इन्हें छोड़ने और अच्छे कार्य करने पर जोर दिया। मुफ्ती हंजला ने सामूहिक दुआ कराई।
इस अवसर पर मुफ्ती सदाकत हुसैन, मोहम्मद इरफान, अब्दुल अलीम, मोहम्मद इकराम, मुजाहिदुल इस्लाम, महफूजुर्रहमान, मोहम्मद फरमान और मोहम्मद इमरान आदि मौजूद रहे।