बिजनौर। जिले की दो चीनी मिलों ने बुधवार को पिछले पेराई सत्र का शत प्रतिशत भुगतान कर दिया है। सात चीनी मिल अब भी किसानों की बकाएदार हैं। दो चीनी मिल इस महीने ही भुगतान करने की बात कह रही हैं। भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बरतने की बात कही है।
कोरोना काल में चीनी की खपत कम हुई। खपत कम हुई तो मिलों से चीनी का उठान भी बहुत कम रह गया। इसका सीधा असर किसानों के गन्ना भुगतान पर पड़ा है। गन्ना भुगतान के लिए चीनी मिलों को प्रशासन ने हर सप्ताह के हिसाब से लक्ष्य दिया। डीएम रमाकांत पांडेय हर सोमवार को चीनी मिलों को एक सप्ताह का भुगतान का लक्ष्य देते हैं और बीते सप्ताह के भुगतान को देखते हैं। प्रशासन के पूरा दबाव होने के बाद भी चालू पेराई सत्र के शुरू होने से पहले चीनी मिलों ने शत प्रतिशत गन्ना भुगतान नहीं किया। लेकिन अब दो चीनी मिलों द्वारिकेश ग्रुप की अफजलगढ़ व बुंदकी चीनी मिल ने बुधवार को शत प्रतिशत भुगतान कर दिया है। दो और चीनी मिल नवंबर में भी भुगतान करने की बात कह रही हैं। गन्ना भुगतान के लिए अब भी मिलों पर पूरा दबाव बनाया जा रहा है।
गन्ना भुगतान व बकाया की स्थिति
चीनी मिल गन्ना बेचा भुगतान बकाया
धामपुर 758.44 722.26 36.17
स्योहारा 687.88 664.42 23.46
बिलाई 469.79 371.80 97.98
बहादरपुर 383.97 383.80 00
बरकातपुर 454.31 390.36 63.94
बुंदकी 410.47 410.47 00
चांदपुर 208.50 137.59 70.90
बिजनौर 130.87 84.39 46.47
नजीबाबाद 166.31 136.32 29.98
कुल 3670.56 3301.62 3689.25
नोट:भुगतान व बकाया के आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं। सभी मूल्य करोड़ रुपये में है।
बनाया है दबाव
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार चीनी मिलों पर भुगतान के लिए लगातार दबाव बनाया हुआ है। बाकी चीनी मिलों से भी जल्द भुगतान करया जाएगा।