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Bijnor News: बाएं पैर की आपस में जुड़ीं दो उंगलियों ने दिया था प्रबल के शव का प्रमाण

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बिजनौर। जन्म से ही आपस में जुड़ी बाएं पैर की दो उंगलियों ने प्रबल के शव का पक्का प्रमाण दिया था। दरअसल अन्य पहचान के अलावा दोनों उंगलियों को देखकर परिवार वालों ने शव की पहचान की थी।
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हस्तिनापुर के अरविंद और प्रवीण ने सबसे पहले देखा था शव। दरअसल हस्तिनापुर निवासी अरविंद कुमार की बहन अंजली की गंगा के भंवर में डूब गई थी। अरविंद अपने चचेरे भाई प्रवीण कुमार के साथ अंजली को गंगा और गंगा किनारों पर ढूंढ रहा था। वहीं अरविंद को गंगा के पास झाड़ियों में प्रबल का शव मिला। प्रबल की बहन प्राची ने बताया कि अरविंद ने प्रबल की जेब से मोबाइल निकाला, उसका सिम निकालकर अपने फोन में डाला। सिम में दीदी (प्राची) के नाम से सेव नंबर पर कॉल कर शव के बारे में बताया तो परिजन मौके पर पहुंचे।
प्राची ने बताया कि शव गल चुका था, सिर्फ आधा चेहरा ही साफ नजर आया। हम लोगों ने कपड़े भी पहचान लिए। पहचान पुख्ता करने के लिए पिता आलोक अग्रवाल ने बाएं पैर का मोजा उतरवाया तो पंजे की दो उंगलियां आपस में जुड़ीं थीं। बताया कि करीब दो लाख लोगों में किसी एक की ही उंगली आपस में एक दूसरे से जुड़ी होती है। प्रबल की भी दोनों उंगलियां जन्म से ही जुड़ी हुई थी।
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n ....मैं खुद ही बताउंगा कहां हूं : जिस दिन प्रबल का शव मिला था, उसी दिन प्रबल बहन के सपने में आया। प्राची ने बताया कि प्रबल ने सपने में कहा था कि तुम ज्यादा मत बोलो, मैं खुद ही बताउंगा कहां हूं...संयोग से उसी दिन प्रबल के शव मिलने की खबर मिली थी।
n छह माह बाद पिता और 2023 में मां की हो गई थी मौत : प्रबल की मौत के छह महीने बाद ही पिता आलोक की मौत हो गई थी। इसके कुछ समय बाद ही सदमे के कारण मां सुमन अग्रवाल भी बीमार रहने लगीं। सुमन अग्रवाल की 2023 में मौत हो गई। पिता की मौत के बाद प्राची ने ही केस की पैरवी की। प्राची ने बताया कि उन्हें अदालत तक आने में डर लगता था। धमकियां दी जाती थीं। धमकियों से नहीं डरी तो केस वापस लेने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया।
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