बिजनौर। अनिल कुमार सोती अपने चार भाइयों में अकेले जीवित वारिस थे। उनकी हत्या के बाद अब इस रईस परिवार में उनके सबसे बड़े भाई अश्विनी कुमार सोती का बेटा गौरव ही संपत्तियों के मालिक के तौर पर बचा है। भतीजे गौरव से अनिल सोती का जमीनी विवाद चल रहा था। दो दिन पहले बाग में संदिग्ध गाड़ियां घूमती नजर आने पर उन्होंने चचेरे भाई को फोन कर चिंता जताई थी। इस पर सीसीटीवी लगवाने की तैयारी की जा रही थी, ताकि संदिग्धों पर नजर रखी जा सके।
चार भाइयों में अनिल कुमार सोती और सुनील कुमार सोती अविवाहित थे। जबकि अरुण कुमार सोती का विवाह हुआ था, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। सबसे बड़े भाई अश्विनी कुमार सोती के पुत्र गौरव हैं। अनिल की चार बहनों में से तीन की मौत हो चुकी है। एक बहन सरिता ही जीवित हैं। उनके तीन भांजे, एक भतीजे गौरव के साथ एक भतीजी भी है।
मंगलवार को बाग में नजर आई थीं गाड़ियां
चचेरे भाई नीरज सोती ने बताया कि अनिल ने मंगलवार को फोन कर उनको जानकारी दी थी कि बाग में गाड़ियां घूम रही हैं। कारों की आवाजाही को संदिग्ध मानते हुए फोन कर उन्होंने चिंता जताई थी। नीरज सोती ने बताया कि यह जानकारी मिलने पर उन्होंने सीसीटीवी लगवाने की सलाह दी थी। आशंका है बाग में कार घुमाने वाले संदिग्ध ही घटना को अंजाम देने के लिए रेकी कर रहे थे।
परिचित ही हो सकता है हत्यारोपी
घर का दरवाजा खुला मिला। इससे अनुमान है कि रात में किसी परिचित ने ही दरवाजा खुलवाया होगा। आरोपियों का इरादा चोरी या लूट भी नहीं था, क्योंकि पैसा और अन्य कीमती सामान घर में जस का तस रखा मिला है।