बिजनौर। इंडियन ऑयल डिपो के प्रबंधक से 32 लाख की साइबर ठगी में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के बैंक खातों में ठगी की रकम पहुंची थी, जिन्होंने कमीशन हासिल कर बाकी रकम को साइबर ठग को मुहैया करा दी थी।
नजीबाबाद के तेल डिपो में तैनात इंडियन ऑयल के एक प्रबंधक ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि जतिन शर्मा ने एक फरवरी को एफ 5 इंडियन स्टॉक मार्केट इनवेस्टर्स डिस्कशन व्हाट्स एप ग्रुप में जतिन ने उन्हें शामिल किया। इस ग्रुप में ट्रेडिंग करने के बारे में सिखाया जाता था। इस पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग सिखाने के बाद फेयरली एलएलएसी ग्रुप में शामिल कर लिया गया। जिसमें शेयर अलॉट किए जाने लगे। आरोप है कि 24 फरवरी से 17 मार्च तक छह बैंक खातों में 32 लाख रुपया जमा कराया। इन खातों में रकम जमा कराने के बाद पांच हजार का मुनाफा भी दिया गया। इसके बाद में आईपीओ में निवेश के लिए बोला गया। शेयर अलॉट कर दिए गए। कुल 38 लाख रुपये भुगतान कर दिया। इसके बाद 64 लाख का भुगतान करने के लिए कहा गया। साइबर थाना पुलिस ने जतिन शर्मा और माइकल कोलिंस के खिलाफ केस दर्ज करने बाद से जांच में जुटी थी। शुरुआती तौर पर बरेली के तीन खाते सामने आए थे।
एसपी अभिषेक झा ने बताया कि सीबू हसन निवासी गांव पनुआ बरेली और मोहम्मद आरिफ निवासी गांव अलीनगर बरेली को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी मुलाकात दिसंबर 2025 में लखीमपुर खीरी निवासी राघव से हुई। राघव ने अपने या अन्य लोगों के बैंक खातों को देने के लिए कहा, ताकि साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर किया जा सके। पकड़े गए आरोपियों को खाते में रकम आने के बाद तय कमीशन मिलना था।