बिजनौर में गन्ने की फसल व खेतों को अब ट्राइकोडर्मा फंगस से रोगों से मुक्ति मिलेगी। फसल के अलावा जमीन में पनपने वाले रोग भी हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे। गन्ने के बीज के साथ ही यह फंगस खाद के साथ खेतों में डाला जाएगा। फंगस के बारे में गन्ना विभाग किसानों को जागरूक करेगा। इससे किसानों को फायदा होगा। दीमक से लेकर गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाने वाली व्हाइट ग्रब, रेड रॉट, बिल्ट आदि रोग फसलों को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे फसलों का उत्पादन तो गिरता ही है, इनको खत्म करने के लिए पेस्टीसाइट छिड़कने पर किसानों की लागत भी बढ़ जाती है। अब इन सब रोगों से ट्राइकोडर्मा फंगस मुक्ति दिलाएगा। ट्राइकोडर्मा फंगस खेत में डालने पर गन्ने की फसल में कोई भी रोग नहीं लगेगा। यह खेत की दीमक व बाकी हानिकारक बैक्टीरिया को खा जाता है। लगातार तीन साल ट्राइकोडर्मा फंगस खेत में डालने के लिए हमेशा के लिए रोगों से मुक्ति मिल जाएगी।
ऐसे होगा प्रयोग ः ट्राइकोडर्मा पाउडर के रूप में मिलेगा। एक बीघा जमीन में एक किलो पाउडर दस किलो गोबर की खाद में मिलाया जाएगा। गन्ना बोने से एक दिन पहले इसको गोबर में मिलाया जाएगा। गन्ना बोते समय गुल में इसे गन्ने के बीज के साथ डाला जाएगा। इसकी कीमत करीब 50 रुपये किलो होगी।