बिजनौर। यदि आप पान-मसाला चबाने के शौकीन है तो समझ लें कि इसमें मिला तंबाकू आपकी स्वाद ग्रंथियो को धीरे-धीरे खा रहा है। हालात यहां तक पहुंच रहे हैं कि बिना मिर्च-मसाले का गर्म खाना भी मुंह में जाते ही जलन कर रहा है। जीभ और गाल काले पड़ रहे हैं। मेडिकल अस्पताल में दंत विभाग और ईएनजी सर्जन पान-मसाले को इसके लिए जिम्मेदार माना है। बिजनौर के मेडिकल अस्पताल में पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई मरीज दंत विभाग में पहुंचे, जिन्हें दांत में समस्या का कारण पान-मसाला चबाना था। दंत चिकित्सक ने गौर से देखा तो चीभ और गाल काले पड़ रहे थे। जीभ की स्वाद ग्रंथियों पर कार्बन की परत जम चुकी थी। चिकित्सक ने जब इन मरीजों से स्वाद के बारे में पूछा तो बताया कि कैसी भी सब्जी हो और व्यंजन, खाते ही जलन होने लगती है। हर रोज मेडिकल अस्पताल में इस समस्या से पीड़ित करीब 10 मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक उन्हें पान मसाला छोड़ने की सलाह दे रहे हैं।
n इस तरह पड़ रहा स्वाद ग्रंथियों पर असर : दंत विभाग के चिकित्सकों के धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों की जीभ पर एक र्काबन या कीटाणुओं की परत बन जाती है। जिस कारण भोजन का असली स्वाद ऐसे लोग महसूस नहीं कर पा रहे हैं। संवाद