विद्यालय में बेंच ढोती छात्रा।
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बिजनौर के नजीबाबाद में मदर्स-डे पर बेटियां में कुछ खासा उत्साह नजर आया। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में आयोजित समारोह में बेटियां कोई कोरकसर नहीं छोड़ना चाहती थी। आगंतुकों को किसी तरह की तकलीफ न हो टीचर के साथ स्वयं भी प्रबंधन के कार्य में जुट गईं। मेहमानों के लिए कुर्सियां और बेंच ढोया।
शनिवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में सुबह आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बीएसए जेके यादव एवं जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) उमा पाल जहां चुनिंदा कन्याओं की माताओं को सम्मानित कर किया गया। वहीं कार्यक्रम के बीच पहुंचने वालों के लिए बेटियों ने स्वयं ही मोर्चा संभाल लिया। वे कुर्सियां और बेंच ढोया और अतिथियों को बैठाया।
कार्यक्रम में महिला शिक्षा, आत्मनिर्भता और सशक्तिकरण पर विचार व्यक्त करते हुए बीएसए ने जिन महिलाओं को सम्मानित किया, उनमें फरजाना फातिमा, कुसुम, रामवती, कविता, कलावती, रिया, हंसो देवी शामिल रहीं। वार्डन हेमप्रभा शर्मा व पूनम चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में बालिका शिक्षा के प्रति जागृति लाना है। कार्यक्रम में डीसी विजयपाल के अलावा विद्यालयों की शिक्षिकाएं एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।