फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कालागढ़ के बाघ ने राजाजी वन विभाग को छकाया

विज्ञापन
विज्ञापन
रेडियो कॉलर उतारकर वन में गुम हुआ बाघ
विज्ञापन

कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उपवन प्रभाग के झिरना के वनों से 10 जनवरी को बेहोश कर राजाजी टाइगर रिजर्व को भेजे बाघ ने राजाजी के वन विभाग के अधिकारियों व कर्मियों को छका दिया है। बाघ रेडियो कॉलर छोड़कर वनों में कहीं गुम हो गया है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के बाघों की दहाड़ दुनियां में मशहूर है, तो वहीं उनकी सूझबूझ भी अब किसी से कम नहीं है। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में बाघों का कुनबा बढ़ाने को कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से बाघ भेजे जा रहे हैं। दो बाघ वहां भेजे जा चुके हैं। 10 जनवरी को एक बाघ भेजा गया था। बाघ की स्थिति व गतिविधियों का पता लगाने को उसके रेडियो कॉलर लगाया गया था। बाघ अचानक ही वनों में जाकर गुम हो गया। वह अपना रेडियो कॉलर भी उतार गया। बाघ के इस तरह से लापता होने से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान का जंगल लैंसडॉन, नजीबाबाद, सोनानदी से होकर कार्बेट टाइगर रिजर्व तक लगता है। कयास लगाया जा रहा है कि कहीं वह कालागढ़ के वनों में वापस न आ जाए। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल कुमार का कहना है कि कार्बेट का बाघ दुनिया में असली शेर है। वह यहां भी आ सकता है। इस रास्ते पर निगाह रखी जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें