बिजनौर के कार्बेट टाइगर रिजर्व की झिरना रेंज में बाघ की सर्पदंश से मौत हो गई। वन विभाग के उपनिदेशक डॉ. साकेत बड़ोला के मुताबिक बाघ की मौत स्वाभाविक है। वनों में इस तरह की घटनाएं वन्यजीवन की समृद्धि को दर्शाती है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उप वन प्रभाग कालागढ़ की झिरना रेंज के कक्ष संख्या 48 में मंगलवार को गश्त के दौरान बाघ का शव मिला। बाघ का शरीर नीला पड़ गया था। घटना की सूचना मिलते ही गश्ती दल के टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक घटनास्थल पर पहुंच गए। कार्बेट टाइगर रिजर्व के डॉ. दुष्यंत कुमार व रामनगर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश अग्रवाल ने टीम के साथ बाघ का पोस्टमार्टम किया।
उपनिदेशक के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ के सिर में सांप के डसने के निशान मिले हैं। पूरा शरीर सुरक्षित है। सांप के जहर से बाघ की मौत हुई है। बाघ की उम्र करीब 12 वर्ष है। इस घटना को विभाग ने काफी गंभीरता से लिया है। वनों में बहुत ही विषैले सर्प मौजूद है। बारिश के दिनों में यह सक्रिय हो जाते हैं। वनकर्मियों को गश्त के दौरान सांपों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। एंटी वैनम किट को भी एक्टिव रखने को कहा गया है ताकि भविष्य में िदक्कत न हो।