बिजनौर के अमानगढ़ रेंज में पशु चराने गए दो वन गुर्जरों को बाघ ने हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी। टीम के देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया।
इसके चलते ग्रामीणों की वन विभाग के दरोगा से नोकझोंक और मारपीट तक हो गई। रेंजर ने किसी तरह चिकित्सक के कमरे में घुस कर जान बचाई। वन दरोगा की ओर से चार लोगों को नामजद करते हुए उनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
गांव रानी नांगल निवासी बसीर और मुमताज मंगलवार की सुबह अमानगढ़ वन रेंज में पशु चराने गए थे। वह गुर्जर गेट के कंपार्ट नंबर छह के पास पहुंचे। ग्रामीणों के मुताबिक वहां अचानक एक बाघ ने उन पर हमला कर दिया। बाघ की गुर्राहट और दोनों लोगों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग भी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। दोनों पर हमले के बाद बाघ वहां से भाग गया।
बाघ ने हमले में दोनों के हाथ-पैर और कंधे पर गहरे जख्म किए हैं। ग्रामीणों की सूचना पर परिजन जख्मी लोगों को कासमपुरगढ़ी स्थित पीएचसी पर ले गए। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को हायर सेंटर के लिए रेफर किया है। ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग के अफसरों को दी। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की टीम काफी देर बाद पहुंची।
इसके चलते ही अस्पताल आए वन विभाग के वन दरोगा जयपाल सिंह से साथ ग्रामीणों ने मारपीट की। ग्रामीणों का गुस्सा देख रेंजर सुरेंद्र सिंह ने चिकित्सक के कमरे में छिपकर जान बचाई।
उधर, दरोगा जयपाल सिंह ने अलीगंज निवासी ताज मोहम्मद , रानी नांगल निवासी गुलाम मुस्तफा गुर्जर गेट, रेहड़ निवासी बसीर और जसपुर निवासी दिल्लू के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाल रविंद्र प्रताप सिंह ने जांचकर कार्रवाई करने की बात कही है। बता दें कि ग्रामीणों पर वन्य जीवांे के हमले जारी हैं।