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200 गज जमीन में निस्तारित हो सकता है तीन हजार घरों, दुकानों का कूड़ा

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200 गज जमीन में निस्तारित हो सकता है तीन हजार घरों का कूड़ा
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बिजनौर। अगर व्यवस्थित ढ़ंग से काम किया जाए तो करीब तीन हजार घरों का कूड़ा केवल 200 गज जमीन में निस्तारित किया जा सकता है। नगर पालिका बिजनौर इस दिशा में काम करने जा रही है। इसके लिए शासन से बजट भी मिल गया है।
कूड़ा निस्तारण नगर पालिकाओं और अब तो शहरों के पास गांवों में बसीं पॉश कॉलोनियों के लिए भी सबसे बड़ी समस्या है। कूड़ा निस्तारण के लिए नगर पालिका को या तो जमीन नहीं मिलती है या जमीन खरीदने के लिए बजट नहीं होता है। नगर पालिकाएं सड़कों के किनारे या गहरी जमीनों को किराये पर लेकर कूड़ा उसमें डालती हैं। निस्तारण के नाम पर अब तक तो यही सब होता आ रहा है। मुख्यालय की पालिका भी अभी तक कूड़ा निस्तारण का काम शुरू नहीं कर पाई है।
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लेकिन अब शहर के अंदर ही कूड़ा निस्तारित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए शासन ने एमआरएफ यानि मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी योजना शुरू की है। इस योजना में पालिकाएं घरों से सूखा व गीला कूड़ा अलग अलग एकत्र करेंगी। नागरिक दोनों तरह का कूड़ा अभी अलग अलग नहीं दे सकते हैं। इसलिए इस कूड़े को पालिका की जमीन में ले जाया जाएगा। वहां सूखे कूड़े यानि प्लास्टिक, कांच, दवाईयों के रेपर, लोहे के टुकड़ों को अलग तथा गीले यानि गलने वाले कूड़े को अलग किया जाएगा। एक वार्ड में तीन हजार तक घर व दुकान हैं। नगर पालिका चार से पांच वार्ड के घरों का कचरा केवल 200 गज जमीन मेें निस्तारित कर सकती है।
शासन ने एमआरपी योजना के लिए करीब 65 लाख रुपये का बजट भी नगर पालिका को जारी कर दिया है। इससे जमीन की बाउंड्री, टीन शेड आदि का निर्माण कराया जाएगा। मोहल्ला जाटान में राम बाग घेर रोड पर पालिका ने इसके लिए अपनी खुद की जमीन भी चिह्नित कर ली है। प्रोजेक्ट कामयाब होने पर इसे सभी नगर पालिकाओं में लागू किया जा सकता है। अभी इस जमीन में पालिका का पानी जाता है। पानी को सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाएगा।
घर घर बंटेंगे कूड़ेदान
नागरिकों को सूखा व गीला कूड़ा अलग अलग देने के लिए पालिका हरे व नीले रंग के कूड़ेदान घर घर बंटवाएगी। बिजनौर नगर पालिका पहली खेप में 15 हजार कूड़ेदान बंटवाएगी। हरे कूड़ेदान में गीला व नीले में बाकी कूड़ा एकत्र कराया जाएगा।
बेचा जाएगा कूड़ा
नगर पालिका द्वारा सूखे कूड़े को कबाड़ी को बेचा जाएगा। गीले कूड़ा की खाद बनाकर किसानों को बेचा जाएगा। अगर चार से पांच वार्ड का कूड़ा लिया जाता है तो इसे निस्तारित करने में दस से 12 कर्मचारी लगाने होंगे। इन कर्मचारियों को ठेके या संविदा पर रखा जा सकता है।
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अलग से ली जाएगी जमीन भी
एमआरपी योजना पर काम करने के बावजूद कूड़ा निस्तारण के लिए अलग से बड़ी जमीन भी ली जाएगी। इसमें नाली से निकलने वाले कूड़े, मकानों के मलबे आदि को अलग अलग किया जाएगा। सब्जी मंडी, बाजार का कूड़ा भी यहीं जाएगा।
जल्द शुरू होगा काम
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी के अनुसार शासन की मंशा के अनुसार काम किया जा रहा है। जल्द ही कूड़ा निस्तारण का काम शुरू होगा।
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