बिजनौर/नूरपुर/बरूकी। जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में वृद्ध समेत तीन लोगों की मौत हो गई। बरसात के मौसम में वाहनों की तेज रफ्तार हादसों की वजह बनी। स्कूटी और बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं लगा रखे थे।
सोमवार को मुजफ्फरनगर जिले के रामराज थानांतर्गत गांव हाशिमपुर निवासी रामकिशन (70) स्कूटी से बिजनौर से अपने गांव लौट रहे थे। बैराज के पास पीछे से आ रही मुजफ्फरनगर डिपो की बस ने उन्हें टक्कर मार दी। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक दुर्घटना के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया है।
शिवाला कलां थाना क्षेत्र के गांव धारुपुर निवासी मुन्ने सिंह (60) सोमवार को अपनी रिश्तेदारी में गांव रोशननगर आए थे। दोपहर करीब एक बजे वहां से लौटते हुए उनकी बाइक नूरपुर की ओर से आ रही कार की चपेट में आई गई। हादसे में मुन्ने सिंह की मौके पर मौत हो गई। चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। उनके पुत्र धर्मवीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया है।
बरुकी में सोमवार दोपहर 35 वर्षीय युवक बिजनौर की ओर बाइक से जा रहा था। जैसे ही वह बरुकी नहर से आगे निकला एक डीसीएम की चपेट में वह आ गया।
युवक के ऊपर से डीसीएम का पहिया उतर गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसकी जेब से कोई भी कागज नहीं निकला, जिससे उसकी शनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने बाइक की जानकारी निकाली। बाइक बनखला निवासी एक व्यक्ति के नाम पर निकली। इसकी सूचना उक्त व्यक्ति के परिजनों को दी गई। परिजनों ने बताया कि यह बाइक उन्होंने काफी दिन पहले बेच दी थी।
स्कूल की बस पलटी, दस बच्चे चोटिल
स्योहारा में डीएवी पब्लिक इंटर कॉलेज स्कूल की बस सोमवार सुबह छात्र-छात्राओं को छोड़ने के लिए गांव बुढेरन जा रही थी। बुढेरन मार्ग पर सड़क के किनारे टेलीकॉम कंपनियों द्वारा वायर डालने के लिए खोदे गए गड्ढे में बस का पहिया आ जाने से बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर बस के पास पहुंचे। पुलिस की मदद से बच्चों को बस से निकला। घायल बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। आशिफ, रानी, भावना चौहान, अनमोल, देव, आकांक्षा, अनु, दिव्यांशी आदि घायल हुए उन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
डीसीएम पलटने से आठ कांवड़िये घायल
नहटौर में हरिद्वार से मुरादाबाद क्षेत्र के गांव शेरूवा के युवक डाक कांवड़ ला रहे थे। उन्हें अपने गांव के मंदिर पर जलाभिषेक करना था। डाक कांवड़ के साथ-साथ डीसीएम चल रही थी। कई कांवड़िये डीसीएम में बैठे हुए थे। नहटौर के हल्दौर चौराहे पर सड़क में बने गड्ढे में डीसीएम का पहिया जाने के दौरान डीसीएम अनियंत्रित होकर पलट गई। चौराहे पर डीसीएम मोड़ने के दौरान हादसा हुआ। आसपास के दुकानदार मौके पर पहुंचे। डीसीएम में बैठे मुकेश पुत्र बेगराज, रानी पत्नी मुकेश, मौसम पुत्र बहादुर, अंकित पुत्र रोहिताश, सौरभ पुत्र हुकुम, विशाल पुत्र प्रीतम, रोहित पुत्र हरपाल, पप्पू पुत्र मुरारी घायल हो गए। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां से उपचार के बाद वह अपने गांव के लिए चले गए।