स्वकेंद्र सुविधाओं से वंचित रहेंगी हजारों छात्राएं
बिजनौर। जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाली हजारों छात्राओं को स्वकेंद्र का लाभ नहीं मिलेगा। शासन ने हाईस्कूल तथा इंटर की बोर्ड परीक्षा देने वाली छात्राओं को स्वकेंद्र सुविधा की जो व्यवस्था बनाई है, उसके तहत जिस विद्यालय में छात्राएं पढ़ रही हैं, यदि वह विद्यालय परीक्षा केंद्र है तो वहीं परीक्षा दे पाएंगी। यदि छात्राएं ऐसे विद्यालय में पढ़ रही हैं, जो परीक्षा केंद्र नहीं है, तो वहां की छात्राएं अपने विद्यालय से आठ किलोमीटर की परिधि में आने वाले केंद्र पर परीक्षा देंगी।
जिले में 387 राजकीय, सहायता प्राप्त व वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें वित्त विहीन विद्यालय आधे से अधिक हैं। वित्तविहीन विद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। कुछ राजकीय इंटर कॉलेज को छोड़ सभी माध्यमिक विद्यालयों में को-एजूकेशन है। सभी वित्त विहीन विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं हैं। स्वकेंद्र सुविधा का असर वित्त विहीन विद्यालयों की छात्राओं पर पडे़गा। इनमें पढ़ रही करीब दस हजार छात्राओं को दूसरे केंद्रों पर परीक्षा देनी है। जिले में वर्ष 2020 की हाईस्कूल परीक्षा में 25842 छात्राएं व इंटर की परीक्षा में 20681 छात्राएं शामिल होंगी। छात्राओं के अभिभावकों अजयपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, नरेंद्र, निरंकार, रमेश का कहना है सभी छात्राओं के परिजनों के पास वाहन नहीं होते हैं। इसलिए परीक्षा केंद्र नहीं बनने वाले विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं का परीक्षा केंद्र दो या तीन किलोमीटर की सीमा में बनाया जाए। अभिभावकों के अनुसार वे इस मांग को लेकर डीआईओएस से मिलेंगे। उधर, डीआईओएस राजेश कुमार का कहना है कि बोर्ड परीक्षा के मानक शासन से तय होते हैं। विभाग का यह प्रयास रहा है कि जिन विद्यालयों में अधिक बालिकाएं पढ़ रही हैं वह विद्यालय परीक्षा केंद्र रहे। परीक्षा केंद्र नहीं बनने वाले विद्यालयों की छात्राओं के लिए नजदीक का परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों पर 50 से अधिक आपत्ति आईं
बिजनौर। बोर्ड परीक्षा केंद्रों को लेकर खूब आपत्ति दर्ज कराई गई हैं। आपत्तियों की द्विस्तरीय जांच शुरू हो गई है। जिले में 130 बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पिछले साल 129 परीक्षा केंद्र थे। इनमें 27 परीक्षा केंद्र काट दिए गए हैं तथा 28 विद्यालय नए केंद्र बने हैं। शासन ने 14 नवंबर तक परीक्षा केंद्रों पर आपत्ति मांगी थी। डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत कुमार यादव के अनुसार करीब 50 आपत्ति आई हैं। इनमें उनके विद्यालयों की बालक-बालिकाओं का केंद्र अधिक दूरी पर बनाना, केंद्रों पर अधिक परीक्षार्थियों का आवंटन करना, बालिकाओं को स्वकेंद्र सुविधा नहीं देना आदि शामिल हैं। कुछ विद्यालयों ने दो-दो बार आपत्ति दर्ज कराई हैं। आपत्तियों की एसडीएम तथा शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी अलग अलग जांच कर रहे हैं। जांच टीमों की रिपोर्ट के आधार पर आपत्तियों का निस्तारण होगा।
आपत्ति देने की तारीख बढ़ी
बिजनौर। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार शासन ने परीक्षा केंद्रों पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए आखिरी तारीख 14 नवंबर से बढ़ाकर 19 नवंबर कर दी है। शासन से घोषित परीक्षा केंद्रों की सूची डीआईओएस दफ्तर व जीआईसी बिजनौर में चस्पा है। पूर्व में डीएम की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा केंद्रों को फाइनल करके 22 नवंबर तक आन लाइन फीड किया जाना था। अब समिति केंद्र फाइनल करके 27 नवंबर को फीड कर देगी। इसके बाद सेंटर में कोई बदलाव नहीं होगा।