फसल अवशेष जलाने वालों पर रहेगी कड़ी नजर
बिजनौर। फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर लगे जुर्माने और एफआईआर भले ही वापस कर ली गई हों लेकिन किसानों को अब भी फसल अवशेष नहीं जलाने दिए जाएंगे। जिन गांवों में फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आए हैं वहां पर वॉल पेंटिंग व गोष्ठी कराकर किसानों को जागरूक किया जाएगा। लेखपालों की टीम पहले की तरह ही खेतों में फसल अवशेष जलाने वालों पर नजर रखेगी।
फसल अवशेष जलाने के बजाए इनका खाद बनाना चाहिए। फसल अवशेष जलाने को रोकने के लिए शासन पूरी सख्ती दिखा रहा है। सेटेेलाइट से फसल अवशेष जलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। जो किसान फसल अवशेष जलाते हैं उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने व जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही फसल अवशेष जलाने वाला किसान कृषि विभाग की सभी योजनाओं में अपात्र घोषित कर दिया जाता है। कृषि विभाग किसानों को फसल अवशेष जलाने के बजाए खेत में उन्हें गलाकर खाद बनाने को प्रेरित कर रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फसल अवशेष जलाने में किसानों के पर दर्ज एफआईआर निरस्त करा दी थीं और उन पर लगे जुर्माने भी लौटाने का आदेश पारित किया था। सरकार की ओर से जुर्माने और एफआईआर में राहत मिलने के बाद भी फसल अवशेष खासतौर जलाने की अनुमति किसी को नहीं रहेगी। फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। अगले महीने धान की फसल की कटाई शुरू हो जाएगी। उस समय लेखपालों की टीम खेतों में फसल अवशेष जलाने वालों पर नजर रखेगी। जिले में 51 किसानों पर फसल अवशेष जलाने में जुर्माना लग चुका है।
20 हजार हेक्टेयर जमीन में मशीन से होती है कटाई
जिले में करीब 59 हजार हेक्टेयर जमीन में धान रहता है। इसमें से 20 हजार हेक्टेयर जमीन में खड़े धान की कटाई मशीन से होती है। कई बार किसान मशीन से निकली पराली को जला देते हैं। ऐसी जगह खासतौर पर प्रशासन की नजर रहेगी।
गलाकर बनाएं खाद
जिला कृषि अधिकारी डा.अवधेश मिश्र के अनुसार वॉल पेंटिंग व गोष्ठी करके किसानों को फसल अवशेष न जलाने को प्रेरित किया जाएगा। फसल अवशेष जलाने के बजाए गलाकर उनका खाद बनाना चाहिए।