बिजनौर में नगीना रोड पर एक गोदाम में बेचे जा रहे पटाखे।
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बिजनौर। इस बार दीपावली पर आतिशबाजी थोड़ी महंगी होने वाली है। माल कम बनने से इस बार आतिशबाजी के दाम पिछले साल के मुकाबले बढ़े हुए हैं। लेकिन इस बार बिकने वाली आतिशबाजी पहले से कम धुआं देगी। कान फोड़ बम बाजार में नहीं हैं। तेज आवाज से होने वाली परेशानी इस बार कम होगी।
एक अनुमान के अनुसार जिले में दीपावली पर 100 करोड़ से भी ज्यादा के पटाखे फोड़े जाते हैं। इस बार भी दीपावली को देखते हुए पटाखों की बिक्री होने लगी है। जिले में दक्षिण भारत के अलावा सहारनपुर आदि से पटाखे मंगवाए जाते हैं। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लगे लॉकडाउन के समय माल कम बना था। इसका असर पटाखों की कीमत पर पड़ रहा है। लेकिन पटाखों की बिक्री में कोई कमी आने का अनुमान नहीं है जबकि माल कम है। इस वजह से पटाखों के दाम दस से 15 प्रतिशत तक बढ़े हैं। पिछले साल जो पटाखों का डिब्बा 100 रुपये का मिला था इस बार उसके दाम 110 से 115 रुपये तक हो गए हैं। केवल स्काई शॉट्स के रेट नहीं बढ़े हैं। लॉकडाउन में शादियों में स्काई शॉट्स की आतिशबाजी नहीं होने से इसके रेट नहीं बढ़े हैं।
आइटम पिछले साल दाम इस साल दाम
फुलझड़ी 40 45
रॉकेट 100 115
अनार 185 200
चकरी 155 165
बम 70 85
नहीं होगा ज्यादा धुआं
इस बार दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी ज्यादा धुआं नहीं छोड़ेगी। फुलझड़ी और चकरी सबसे ज्यादा धुआं छोड़ती हैं। इस बार इन दोनों आइटम को बनाने में केमिकल का कम इस्तेमाल किया गया है। इस वजह से ये पहले के मुकाबले कम धुआं छोड़ेंगी। पहले तेज आवाज करने वाले सुतली बम बिकते थे। इस बार ये बाजार में नहीं आए हैं।
लाल रोशनी और आग का झरने वाला पटाखा
इस बार काफी नए पटाखे भी बाजार में आए हैं। क्रेकलिंग पेंसिल, सनराइज और फॉल्स(झरना) बच्चों को छोड़ने को मिलेंगे। क्रेकलिंग पेंसिल में पेंसिल के आकार का आइटम फुलझड़ी और पटाखे दोनों की तरह आवाज करते हुए चलेगा। सनराइज में पटाखा सूर्योदय वाली लाल रोशनी फेंकेगा। फॉल्स में पटाखे के आइटम को ऊपर रखा जाएगा। यह नीचे आग का झरना सा फेंकेगा। कुंगफू आतिशबाजी में 30 पटाखे होंगे। ये पटाखे म्यूजिक आवाज के साथ फटेंगे।
बाजार में हैं नए आइटम
पटाखों के हॉल सेल के विक्रेता मदनलाल एंड संस के प्रोपराइटर विकास सेतिया के अनुसार इस बार पटाखों पर कुछ महंगाई है। फूलझड़ी और चकरी इस बार कम धुआं देगी। कुछ नए आइटम भी बाजार में आए हैं।