इस बार होली पर बन रहे हैं शुभ योग
बिजनौर। धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा के अनुसार इस बार होली पर सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग व ध्रुव योग बन रहा है। होलिका दहन में इस बार अशुभ माना जाने वाला भद्रा योग भी बाधा नहीं बनेगा। होलिका दहन का श्रेष्ठ समय शाम छह बजकर 37 मिनट से आठ बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
पंडित ललित शर्मा के अनुसार होलिका दहन पर भद्रा योग को अशुभ माना जाता है। लेकिन इस बार भद्रा काल एक बजकर 54 मिनट तक ही रहेगा। कोई भी शुभ कार्य भद्रा काल में नहीं किया जाता है। पुराणों में भद्रा को सूर्य की पुत्री और शनिदेव की बहन बताया गया है। नारद पुराण के अनुसार होलिका दहन को भद्रारहित प्रदोषकाल में सर्वोत्तम माना गया है। होलिका दहन के समय परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ गेहूं की हरी बालियों को लेकर पवित्र अग्नि में समर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख, समृद्धि का आगमन होता है।
कहा कि होलिका दहन के समय होली की भस्म मस्तक पर लगानी चाहिए। होलिका की अग्नि व राख को अगले दिन घर में लेकर आने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। होलिका का पूजन करते समय मुंह को पूरब या उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए। मनोकामना पूर्ति के लिए 11 गोमती चक्र हाथ में लेकर अपने महत्वपूर्ण कार्य को 21 बार मानसिक रूप से कहकर गोमती चक्र होलिका की अग्नि में डालने चाहिएं।