- जिले में अभी मेडिकल अस्पताल में ही भर्ती होते हैं कुपोषित बच्चे
- नजीबाबाद, नगीना और धामपुर सीएचसी पर बनाई जाएगी एनआरसी
- स्थलीय निरीक्षण करने के बाद एनआरसी बनाने की प्रकिया शुरू की जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले का एक छोर-दूसरे छोर से करीब 100 किलोमीटर दूर हैं। ऐसे में कुपोषित बच्चों को मेडिकल अस्पताल लाने में लोग परेशान रहते हैं। लोग परेशान न हो, इसके लिए कुपोषण से जंग के लिए जिले में तीन नई पोषण एवं पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) बनाए जा रहे हैं।
बच्चों को कुपोषण से बाहर रखने के लिए सरकार की ओर से तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। एनआरसी में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। जिले में अभी तक केवल एक एनआरसी मेडिकल अस्पताल में है। इसमें जिलेभर के कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए भर्ती किया जाता है।
जिले में करीब 2514 अति कुपोषित बच्चे हैं, जिन्हें अब जिला मुख्यालय तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि नजीबाबाद, नगीना और धामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एनआरसी बनाई जाएगी। क्षेत्रों में ही बच्चों को भर्ती किया जा सकेगा। इसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधक रोहित कुमार को दी गई है। स्थलीय निरीक्षण करने के बाद एनआरसी बनाने की प्रकिया शुरू की जाएगी।
एनआरसी में अलग से तैनात होगा स्टाफ
जिले में जो तीन एनआरसी बनाई जानी है, उन पर अलग से स्टाफ तैनात होगा। इससे कुपोषित बच्चों को अच्छी तरह से देखभाल की जा सके। स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय, चिकित्सक समय से एनआरसी में ड्यूटी करेंगे।
जिले में तीन नई एनआरसी बनाने की तैयारी है। एनआरसी बनाने के लिए वह स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेंगे। एक सप्ताह के भीतर प्रशासन को एनआरसी बनाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। - रोहित कुमार, अस्पताल प्रबंधक, बिजनौर