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बिजनौर में 1990 में राम ज्योति रोकने पर सुलग गया था वेस्ट यूपी में राम मंदिर का आंदोलन

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बिजनौर में राम ज्योति रोकने पर हुआ था वेस्ट यूूपी में आंदोलन
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बिजनौर। अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनाने का सपना भले ही पूरा हो रहा हो, लेकिन श्रीराम मंदिर आंदोलन में शामिल रहे लोग आज भी उस दौर को भूल नहीं आए हैं। बिजनौर में में राम ज्योति को रोकने के बाद पूरे वेस्ट यूपी में राम मंदिर आंदोलन की आग सुलग गई थी। इसके बाद यह आंदोलन फैलता चला गया था। बिजनौर के हिंदूवादी नेता बैराज पर रोकी गई राम ज्योति को बिजनौर ले आए थे। पूरे जिले में निकलने के बाद राम ज्योति मुरादाबाद के लिए रवाना हुई थी। इस आंदोलन में जिले के तमाम बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया था।
अयोध्या से राममंदिर आंदोलन को तेज करने के लिए राम ज्योति निकाली गई थी। कहा गया था कि 1990 में दीपावली पर राम ज्योति से सभी अपने घर में दीया जलाकर ले जाएं। इन दियों से ही दीपावली के दीये जलाकर रोशनी होगी। 20 सितंबर 1990 को राम ज्योति मुजफ्फरनगर से बिजनौर के लिए रवाना हुई। बिजनौर प्रशासन को डर था कि राम ज्योति के बिजनौर में आने से कहीं माहौल न बिगड़ जाए। बिजनौर प्रशासन ने बैराज पर जाकर राम ज्योति को रोक लिया। प्रदर्शनी मैदान, हेमराज कॉलोनी व बैराज के पुल पर पुलिस ने बैरीकेटिंग लगा दी ताकि कोई बैराज की ओर कूच न कर सके। राम ज्योति बैराज पर रोकने की खबर बिजनौर आ गई। नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन जनार्दन अग्रवाल, वैद्य अजय गर्ग, आरएसएस के नगर कार्यवाह यशपाल आर्य, तहसील कार्यवाह दिनेश विश्नोई, प्रचारक परितोष कुमार, विद्यार्थी परिषद के नेता मयंक मयूर, विजय खन्ना, बालेश्वर अग्रवाल, कमलकिशोर खन्ना समेत तमाम नेता सक्रिय हो गए। यशपाल आर्य की दुकान पर तभी एक बैठक हुई। पूरे शहर को बंद करा दिया गया। नगर पालिका चौक पर धरना देने का निर्णय लिया गया।
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सभी ने एक स्वर में हुंकार भरी कि हर हाल में राम ज्योति को बिजनौर लाया जाएगा। युवाओं में उत्साह पैदा हो गया। एकाएक जनसैलाब उमड़ पड़ा। युवाओं के आगे किसी की नहीं चली और युवाओं ने पैदल ही बैराज की ओर कूच कर दिया। हेमराज कॉलोनी समेत आसपास के बंगाली समाज के लोग भी युवाओं से जुड़ते चले गए। रास्ते में जहां भी पेड़ मिले वहां से कूूच करने वाले लोगों ने डंडे तोड़ लिए और बैैरीकेटिंग करते हुए बैराज पहुंच गए। बैराज पर लगी बैरीकेटिंग को गंगा बैराज में डाल दिया और राम ज्योति को बिजनौर लेकर आ गए। राम ज्योति लाने में शामिल आरएसएस के विभाग प्रचार प्रमुख मयंक मयूर, नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन जनार्दन अग्रवाल के मुताबिक रात में राम ज्योति को आर्य समाज स्कूल में रोका गया। अगले दिन नजीबाबाद, बढ़ापुर, नगीना, धामपुर, चांदपुर, नूरपुर, स्योहारा, अफजलगढ़ समेत शहर के कई शहरों से होकर राम ज्योति मुरादाबाद के लिए रवाना हुई। राम ज्योति बिजनौर में रोकने की सूचना पूरे वेस्ट यूपी में फैल गई थी और पूरे वेस्ट यूपी में राम मंदिर निर्माण का आंदोलन सुलग गया। हर जिले में आंदोलन ने तेजी पकड़ ली और फिर यह आंदोलन रोके नहीं रुका। इस आंदोलन में बिजनौर जिले में भी तेजी पकड़ ली। चौतरफा लोग सड़कों पर उतर आए। युवाओं में जोश भर गया।
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